60 साल बाद मेंस सिंगल्स में भारतीय खिलाड़ी की दमदार वापसी
60 साल बाद मेंस सिंगल्स में भारतीय खिलाड़ी की दमदार वापसी
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भारतीय बैडमिंटन के युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। 20 साल के इस उभरते शटलर ने मेंस सिंगल्स के फाइनल में जगह बनाकर देश का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि करीब 60 साल बाद कोई भारतीय खिलाड़ी इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के मेंस सिंगल्स फाइनल में पहुंचा है। इससे पहले 1965 में दिनेश खन्ना ने भारत को इस कैटेगरी में गोल्ड मेडल दिलाया था, जिसके बाद अब आयुष ने इस लंबे इंतजार को खत्म कर नई उम्मीद जगाई है।
चीन के झेजियांग में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में आयुष ने जबरदस्त संघर्ष और आत्मविश्वास का परिचय दिया। उन्होंने टॉप सीड और डिफेंडिंग चैंपियन थाईलैंड के कुन्लावत वितिदसर्न को तीन गेम के कड़े मुकाबले में हराया। दुनिया के 25वें नंबर के खिलाड़ी आयुष ने पहला गेम 10-21 से गंवा दिया था, लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए अगले दोनों गेम 21-19 और 21-17 से जीत लिए। इस जीत के साथ उन्होंने पेरिस ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट और 2023 के वर्ल्ड चैंपियन को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।
आयुष की यह जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए एक बड़ा संकेत मानी जा रही है। उन्होंने न सिर्फ अपने खेल से सभी को प्रभावित किया, बल्कि यह भी दिखाया कि आने वाले समय में भारत मेंस सिंगल्स में भी बड़ा दबदबा बना सकता है। इससे पहले 2023 में सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने डबल्स में खिताब जीतकर इतिहास रचा था, लेकिन मेंस सिंगल्स में यह उपलब्धि लंबे समय बाद देखने को मिली है।
अब सभी की नजरें फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहां आयुष के पास एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने का सुनहरा मौका होगा। अगर वह इसी लय को बरकरार रखते हैं, तो भारत को एक ऐतिहासिक खिताब मिल सकता है और आयुष शेट्टी भारतीय बैडमिंटन के नए सितारे के रूप में उभर सकते हैं।
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