स्कूल सर्वे से लेकर मेडिकल उपकरण खरीद, एनएबीएल मान्यता और सूरजकुंड मेले तक—राज्यभर में बहुआयामी पहलों की समीक्षा
स्कूल सर्वे से लेकर मेडिकल उपकरण खरीद, एनएबीएल मान्यता और सूरजकुंड मेले तक—राज्यभर में बहुआयामी पहलों की समीक्षा
ख़बर ख़ास, चंडीगढ़ :
हरियाणा में विकास कार्यों को गति देने के लिए सीएम नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय दिशा समिति की बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, जल प्रबंधन और खेल सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं की व्यापक समीक्षा की गई। सीएम ने शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी को देखते हुए नए स्कूल खोलने के लिए सर्वे कराने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों को लंबी दूरी तय न करनी पड़े। ड्रॉपआउट बच्चों को मुख्यधारा में लाने के प्रयासों का जिक्र करते हुए बताया गया कि 34 हजार में से 18,796 बच्चों को प्रशिक्षण दिया गया और 15,386 को दोबारा स्कूलों से जोड़ा गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य को टीबी और एनीमिया मुक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया। राष्ट्रीय कृमि मुक्त अभियान में 98 प्रतिशत कवरेज हासिल करना बड़ी उपलब्धि रही। इसी क्रम में 2.39 करोड़ रुपये के चिकित्सा उपकरणों—स्लिट लैंप, रेडिएंट वार्मर, एलईडी फोटोथेरेपी यूनिट और प्लास्टिक पैलेट—की खरीद को मंजूरी दी गई है। ये उपकरण सिविल अस्पतालों और नवजात शिशु देखभाल इकाइयों में उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उपचार और भंडारण सुविधाएं बेहतर होंगी।
आवास योजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि सीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत 76 हजार से अधिक मकान स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 41 हजार से अधिक पूर्ण हो चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत भी हजारों मकान निर्माणाधीन हैं। डॉ. बीआर अंबेडकर आवास योजना के लाभार्थियों को शीघ्र सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में पंचकूला में एनएबीएल मान्यता पर संगोष्ठी आयोजित की गई, जहां परीक्षण प्रयोगशालाओं की तकनीकी दक्षता और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
वहीं, 39वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प महोत्सव कला, संस्कृति और पारंपरिक शिल्प का भव्य मंच बनकर उभरा है। उत्तर प्रदेश के परिधानों, गुजरात के सिल्क और मिरर वर्क तथा राजस्थान के अचार-नमकीनों ने पर्यटकों को आकर्षित किया। हरियाणवी लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने मेले के माहौल को जीवंत बना दिया।
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में विकास कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए, जिससे प्रदेश में समग्र विकास की रफ्तार और तेज हो सके।
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