Axiom-4 मिशन में ऐतिहासिक उपलब्धि, अंतरिक्ष में कृषि प्रयोग कर रचा नया अध्याय
Axiom-4 मिशन में ऐतिहासिक उपलब्धि, अंतरिक्ष में कृषि प्रयोग कर रचा नया अध्याय
ख़बर ख़ास, राष्ट्रीय :
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान उन्हें अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक सफल अंतरिक्ष मिशन और वहां असाधारण साहस, त्वरित निर्णय क्षमता तथा कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण के लिए दिया गया है।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने वर्ष 2025 में Axiom-4 मिशन के तहत अंतरिक्ष की यात्रा की थी। वे विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री बने। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने मिशन को पूरी सफलता के साथ अंजाम दिया और भारत का नाम वैश्विक मंच पर गौरवान्वित किया।
अपने अंतरिक्ष प्रवास के दौरान शुभांशु शुक्ला ने कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक शोध प्रयोग किए। विशेष रूप से उन्होंने अंतरिक्ष में मेथी और मूंग की सफल खेती कर कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रयोग भविष्य में अंतरिक्ष मिशनों के दौरान खाद्य सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
मिशन के दौरान उन्होंने असाधारण नेतृत्व क्षमता, पेशेवर उत्कृष्टता और दबाव में शांत रहकर निर्णय लेने की क्षमता का परिचय दिया। अत्यंत जटिल और जोखिम भरे हालात में भी उन्होंने हर चुनौती का साहसपूर्वक सामना किया और मिशन की सफलता सुनिश्चित की। इसी अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है।
उनकी यह उपलब्धि न केवल भारतीय वायुसेना बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। शुभांशु शुक्ला की यह यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरी है, जो यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
इस बीच, 77वें गणतंत्र दिवस से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश की रक्षा में अद्वितीय साहस और बलिदान के लिए 70 सशस्त्र बल कर्मियों को वीरता पुरस्कार देने की मंजूरी दी है, जिनमें छह पुरस्कार मरणोपरांत दिए जाएंगे। इन पुरस्कारों में एक अशोक चक्र, तीन कीर्ति चक्र, 13 शौर्य चक्र, 44 सेना मेडल, छह नौसेना मेडल और दो वायुसेना मेडल शामिल हैं।
इसके अलावा, ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जाएगा। वे एक प्रतिष्ठित फाइटर टेस्ट पायलट हैं और भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान के लिए चयनित चार अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल हैं। उन्होंने Axiom-4 मिशन में बैकअप क्रू सदस्य के रूप में भी अहम भूमिका निभाई है।
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