कहा, प्रदेश को शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित और स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती समारोह में सैनी ने की शिरकत
कहा, प्रदेश को शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित और स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती समारोह में सैनी ने की शिरकत
खबर खास, चंडीगढ़ :
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार महात्मा ज्योतिबा फुले की शिक्षाओं पर चलते हुए प्रदेश को शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित और स्वावलंबी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। महात्मा ज्योतिबा फुले का जीवन और उनके विचार हमारे लिए मार्गदर्शक हैं। हमें उनके बताए रास्ते पर चलकर एक ऐसे समाज का निर्माण करना है, जो समानता, न्याय और भाईचारे पर आधारित हो।
मुख्यमंत्री शनिवार को कुरुक्षेत्र के बाबैन में सैनी सभा, कुरुक्षेत्र द्वारा आयोजित महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती समारोह एवं सावित्रीबाई ज्योतिबा फुले ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के शिलान्यास के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे। इस दौरान हरियाणा के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान संस्था द्वारा रखी सावित्रीबाई ज्योतिबा फुले कॉलेज ऑफ नर्सिंग खोले जाने की मांग को पूरा करने तथा स्वैच्छिक कोष से 51 लाख रुपये संस्था को देने की घोषणा भी की। साथ ही मुख्यमंत्री ने नागरिकों की सुविधा के लिए मथाना-बाबैन मार्ग को 13.38 करोड़ की लागत से 7 मीटर चौड़ा करने की घोषणा भी की।कार्यक्रम के आयोजक एवं सैनी सभा कुरुक्षेत्र के प्रधान श्री गुरनाम सिंह सैनी ने इन मांगों के अलावा जो मुख्यमंत्री के समक्ष मांग पत्र रखा, उन्हें भी पूरा करने का आश्वासन मुख्यमंत्री ने दिया। वहीं, हरियाणा के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने स्वयं तथा कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी की तरफ से 11-11 लाख रुपये संस्था को देने की घोषणा की।
कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े ही गर्व और गौरव की बात है कि आज हम ऐसे महापुरुष की जयंती मना रहे हैं, जिन्होंने अपने विचारों, अपने संघर्षों और अपने कर्मों से भारत के सामाजिक इतिहास को नई दिशा दी। इस पावन अवसर पर मैं महात्मा ज्योतिबा फुले को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। यह राज्यस्तरीय समारोह सामाजिक जागरण, शिक्षा और समानता के उस संकल्प को पुनर्जीवित करने का अवसर है, जिसे महात्मा फुले जी ने अपने जीवन का उद्देश्य बनाया। ऐसे महापुरुषों, संतों और महात्माओं के संदेश को नई पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए सरकार उनकी जयंती राज्य स्तर पर मनाती है। इसके लिए सरकार ने ‘संत-महापुरुष विचार प्रसार एवं सम्मान योजना’ चलाई हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज महात्मा ज्योतिबा फुले ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स की आधारशिला भी रखी गई है। शिक्षा के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने का जो सपना महात्मा फुले ने देखा था, यह संस्थान उसी सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। यहां से निकलने वाले विद्यार्थी समाज के जिम्मेदार नागरिक बनकर, राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देंगे। उन्होंने सैनी शिक्षा समिति की समाज के उत्थान के लिए निरंतर किए जा रहे कार्य की सराहना भी की।
उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले का जीवन उस दौर में एक क्रांति की तरह था, जब हमारा देश अंग्रेजी हुकूमत की गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था। उस समय समाज में अनेक कुरीतियों, रूढ़ियों और अंधविश्वासों का प्रचलन था। उन्होंने इन कुरीतियों को पहचाना और उनके खिलाफ डटकर संघर्ष किया। बाल विवाह, छुआछूत, जातिगत भेदभाव और महिलाओं की अशिक्षा जैसे मुद्दों पर उन्होंने जो आवाज उठाई, वह उस समय किसी साहसिक क्रांति से कम नहीं थी। उन्होंने अपने कर्मों से यह सिद्ध किया कि समाज में बदलाव केवल विचारों से नहीं आता, बल्कि साहस और निरंतर प्रयासों से आता है। उनकी सबसे बड़ी ताकत थी शिक्षा में उनका अटूट विश्वास। उनका मानना था कि यदि समाज को बदलना है, तो सबसे पहले शिक्षा का प्रकाश हर घर तक पहुंचाना होगा। यही कारण था कि उन्होंने अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले जी के साथ मिलकर पुणे में देश का पहला बालिका विद्यालय स्थापित किया। यह केवल एक स्कूल नहीं था, बल्कि यह उस समय के सामाजिक अंधकार के खिलाफ जलाया गया एक दीपक था। आज जब हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल मार्गदर्शन में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों को आगे बढ़ा रहे हैं, तो यह महात्मा फुले जी के उस विचार का ही विस्तार है।
सैनी समाज का गौरवशाली इतिहास:
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनी समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। इस समाज ने हमेशा मेहनत, ईमानदारी और सेवा को अपना धर्म माना है। कृषि, बागवानी और समाज सेवा के क्षेत्र में इस समाज का योगदान अतुलनीय रहा है। महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले जैसे महान व्यक्तित्व इस समाज की धरोहर हैं, जिन्होंने पूरे देश को दिशा दी। इसी प्रकार, संत श्री लिखमीदास जी, बल्लभगढ़ रियासत के सेनापति गुलाब चंद सैनी, बिहार में सामाजिक क्रांति के सूत्रधार बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा जैसे समाज सेवक, हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद कुशवाहा जैसे खिलाड़ी तथा चंडीगढ़ स्थित रॉक गार्डन के निर्माता पद्मश्री नेकचंद सैनी जैसे कलाकार भी इसी समाज की देन हैं। स्वतंत्रता आंदोलन में भी सैनी समाज का बड़ा योगदान रहा है। आजाद हिंद फौज के सेनानी सरदार महंगा सिंह सैनी व अजीत सिंह सैनी तथा हरि सिंह सैनी जैसे स्वतंत्रता सेनानी भी इसी समाज ने दिए हैं। यह परंपरा आज भी जारी है।
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