कहा, पंजाब सरकार ने सुरक्षित व्यापारिक माहौल सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और व्यापारियों के तालमेल को मजबूत किया
बोले- जिला पुलिस प्रमुखों को तीन स्तरीय ट्रेडर्स कमीशन एवं कमेटियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने के निर्देश
डीजीपी द्वारा ट्रेडर्स कमीशन एवं कमेटियों के सदस्यों से पुलिस और व्यापारी वर्ग के बीच पुल के रूप में काम करने की अपील
खबर खास, चंडीगढ़ :
व्यापारियों के विश्वास को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर तालमेल को संस्थागत बनाने के लिए एक निर्णायक कदम उठाते हुए, मान सरकार ने पंजाब के व्यापारिक समुदाय के आसपास सुरक्षा घेरा सख्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए हैं। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां पंजाब स्टेट ट्रेडर्स कमीशन (पी.एस.टी.सी.), जिला और हलका स्तर की व्यापारिक कमेटियों तथा पुलिस प्रशासन के बीच संरचनात्मक और पूर्ण तालमेल के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि व्यापारियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता और यह राज्य के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (व्यापार करने को आसान बनाना) का मुख्य हिस्सा है।
पंजाब स्टेट ट्रेडर्स कमीशन के चेयरमैन के रूप में डीजीपी गौरव यादव और आबकारी एवं कर आयुक्त जतिंदर जोरवाल के साथ पंजाब भवन से उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता करते हुए, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने व्यापारी वर्ग की सुरक्षा संबंधी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की सख्त हिदायतें जारी कीं। उन्होंने पुलिस प्रशासन और व्यापारी कमीशन तथा कमेटियों के सदस्यों को आपसी तालमेल मजबूत करने के निर्देश दिए, और जिला पुलिस प्रशासन को हिदायत की कि वे इस तहत की जाने वाली कार्रवाइयों की रिपोर्टें सीधे डी.जी.पी. कार्यालय के साथ लगातार साझा करें।
आबकारी एवं कर मंत्री ने कहा, ‘सरकार का मकसद ट्रेडर्स कमीशन को अधिकृत करना और इसे राज्य भर के कारोबारियों तक पुलिस की पहुंच को महत्वपूर्ण ढंग से बेहतर बनाने के लिए एक मुख्य ताकत के रूप में इस्तेमाल करने का है।’
इस संबंध में जमीनी स्तर पर निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए वित्त मंत्री ने समूह जिला पुलिस बलों को व्यापारी कमीशन और कमेटी सदस्यों के साथ निरंतर बातचीत जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने आदेश दिया कि हलका और जिला स्तर पर व्यापारी कमीशन और कमेटी की सभी बैठकों में सक्षम पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित होनी चाहिए ताकि पेश चुनौतियों को मौके पर ही हल किया जा सके। वित्त मंत्री ने कहा, ‘ट्रेडर्स कमीशन एवं कमेटियों के सदस्यों या व्यक्तिगत व्यापारियों द्वारा साझा की गई किसी भी जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखा जाना चाहिए। संबंधित पुलिस अधिकारी सूचना देने वालों की सुरक्षा के लिए पूरी जिम्मेदारी लेंगे, और इस ड्यूटी में किसी भी तरह की लापरवाही के परिणामस्वरूप सख्त जवाबदेही तय की जाएगी।’
वित्त मंत्री ने जिला और हलका स्तर की व्यापारी कमेटियों के पदाधिकारियों से भी अपील की कि वे कारोबारियों में विश्वास पैदा करें और उन्हें भरोसा दिलाएं कि सरकार उनके घर-दहलीज तक सक्रिय पहुंच बनाने के लिए काम कर रही है ताकि वे बिना किसी डर या झिझक के अपनी समस्याएं साझा कर सकें।
इन्हीं विचारों को दोहराते हुए, डीजीपी ने ट्रेडर्स कमीशन और कमेटियों के सदस्यों से राज्य की पुलिस और व्यापारी वर्ग के बीच एक महत्वपूर्ण पुल के रूप में काम करने की अपील की। उन्होंने कहा, “जमीनी स्तर पर अधिकारियों में व्यापारियों का विश्वास बढ़ाने के लिए आपको पुलिस बल की आंखें और कान बनकर सेवा करनी चाहिए, जिससे समग्र सुरक्षा मजबूत होगी। पुलिस एक बहुत ही प्रभावशाली मिआरी प्रोटोकॉल (स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल) के तहत काम करती है, और समय पर कार्रवाई योग्य जानकारी प्राप्त होने पर मामलों को हल करने की सफलता दर बहुत अधिक होती है।”
डीजीपी ने समूह जिला पुलिस प्रमुखों को ट्रेडर्स कमीशन और कमेटियों के सदस्यों के साथ निरंतर और सक्रिय संचार बनाए रखने तथा फीडबैक व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “ट्रेडर्स कमीशन या कमेटियों के सदस्यों द्वारा प्रदान की गई किसी भी गोपनीय जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखना बेहद जरूरी है।” उन्होंने इस मौके पर कमीशन और कमेटियों के सदस्यों तथा अन्य व्यापारिक समुदाय से भी अफवाहों का शिकार होने या फैलाने से बचने की अपील की।
बैठक सकारात्मक माहौल में समाप्त हुई, जिसमें राज्य भर के जिला पुलिस मुख्यालयों से जुड़े ट्रेडर्स कमीशन और जिला व हलका स्तर की कमेटी सदस्यों ने वित्त मंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रचनात्मक फीडबैक साझा किया। इन प्रतिनिधियों ने पुलिस और व्यापार क्षेत्र के बीच सहयोग का एक मजबूत माहौल पैदा करने के लिए मुख्यमंत्री मान सरकार के सक्रिय प्रयासों की सराहना की तथा इस प्रयास की सफलता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को अपना पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिया।
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