सीबीआई तय समय की 60 दिनों की अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल करने में ही नाकाम रही।
सीबीआई तय समय की 60 दिनों की अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल करने में ही नाकाम रही।
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब पुलिस से निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीाईकोर्ट ने राहत देते हुए जमानत दे दी। अदालत ने यह फैसला इसलिए दिया क्योंकि सीबीआई तय समय की 60 दिनों की अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल करने में ही नाकाम रही।
हालांकि सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश वकील नरिंदर सिंह ने अदालत में तर्क दिया कि आय से अधिक संपत्ति जैसे गंभीर मामलों में 90 दिनों की कानूनी समय-सीमा लागू होती है। लेकिन अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और बचाव पक्ष की दलीलों से सहमति जताई। हालांकि भुल्लर एक अन्य मामले में अब भी जेल में ही रहेंगे।
भुल्लर की ओर से वरिष्ठ वकील एसपीएस भुल्लर, युवराज धालीवाल और समरिता ने अदालत को बताया कि सीबीआई 60 दिनों की निर्धारित अवधि में चालान पेश करने में विफल रही है। ऐसे में आरोपी को कानून के तहत डिफॉल्ट जमानत का लाभ मिलना चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पहले आदेश सुरक्षित रखा और बाद में भुल्लर की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। जमानत की औपचारिकताओं के तहत बचाव पक्ष ने जमानती भी पेश किए।
हालांकि भुल्लर की जेल से रिहाई फिलहाल नहीं हो पाएगी। जबरन वसूली से जुड़े एक अन्य मामले में उनकी जमानत याचिका पहले ही सीबीआई कोर्ट द्वारा खारिज की जा चुकी है। इस मामले में भुल्लर ने अभी तक हाईकोर्ट का दरवाजा नहीं खटखटाया है।
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