पारदर्शी शासन, किफायती आवास और विश्वस्तरीय शहरी परिवहन, सरकार के विकास एजेंडा के केंद्र में - असीम कुमार सरकार प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत
पारदर्शी शासन, किफायती आवास और विश्वस्तरीय शहरी परिवहन, सरकार के विकास एजेंडा के केंद्र में - असीम कुमार सरकार प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत
खबर खास, चंडीगढ़ :
हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने आज यहां हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के प्रथम दिन सदन को संबोधित करते हुए समावेशी शहरी विकास और नागरिक-केंद्रित सुशासन का व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लाखों परिवारों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने, किफायती आवास उपलब्ध कराने, शहरी बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
राज्यपाल ने बताया कि नगर निकाय क्षेत्रों में 11,503 एकड़ में फैली 858 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमितीकरण के लिए अधिसूचित किया गया है। यह ऐतिहासिक कदम लाखों परिवारों को कानूनी मान्यता और आवश्यक नागरिक सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित करेगा। इन कॉलोनियों में आधारभूत ढांचे के सुदृढ़िकरण के लिए 723.18 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को स्वीकृति दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि ‘समाधान से विकास’ योजना ने राजस्व वसूली और विकास कार्यों के बीच संतुलन स्थापित किया है और इसे अब 31 मार्च, 2026 तक बढ़ा दिया गया है। अब तक 3,718.14 करोड़ रुपये की बकाया राशि की वसूली की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जा रही 82 नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन कर डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है, जिससे पारदर्शिता और समयबद्ध सेवा वितरण सुनिश्चित हुआ है।
दिल्ली मेट्रो की रेड लाइन का नरेला से कुंडली तक विस्तार को मिली स्वीकृति किया
राज्यपाल ने बताया कि गुरुग्राम मेट्रो रेल परियोजना के लिए 300 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है और इसके प्रथम चरण में 11 किलोमीटर लम्बे भाग का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। वर्ष 2014 से अब तक 5,500 करोड़ रुपये के निवेश से 34.76 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइनें संचालित की जा चुकी हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली मेट्रो की रेड लाइन का नरेला से कुंडली तक विस्तार स्वीकृत किया गया है।
दीन दयाल जन आवास योजना के अंतर्गत इस वर्ष 1,100 एकड़ क्षेत्र में 127 लाइसेंस जारी किए गए
उन्होंने कहा कि ‘सभी के लिए आवास’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में इस वर्ष दीन दयाल जन आवास योजना के अंतर्गत 1,100 एकड़ क्षेत्र में 127 लाइसेंस जारी किए गए हैं, जिससे मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए 16,797 किफायती प्लॉट उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त, किफायती समूह आवास योजना के अंतर्गत 11,525 आवासीय इकाइयों को स्वीकृति दी गई है।
हर नागरिक तक स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति
राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के 7,299 गांवों और 85 शहरों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा चुकी है। चालू वित्त वर्ष के दौरान 17 नहर आधारित जल संयंत्र, 287 ट्यूबवेल और 52 बूस्टिंग स्टेशन स्थापित कर जल ढांचे को और मजबूत किया गया है। अमृत 2.0 के अंतर्गत 1,727 करोड़ रुपये की लागत से 57 नए पेयजल एवं सीवरेज परियोजनाएं क्रियान्वित की जानी हैं, जिनमें से 56 परियोजनाओं पर कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है।
दिसंबर 2027 तक सभी सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा से सुसज्जित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है
राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2020–21 से अब तक 4,818 करोड़ रुपये के निवेश से 223 नए सब-स्टेशन स्थापित किए गए हैं तथा 1,302 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइनें बिछाई गई हैं। कुशल प्रबंधन के कारण एग्रीगेट टेक्निकल एंड कमर्शियल (AT&C) हानियां 2014–15 के 30 प्रतिशत से घटकर 2024–25 में 9.48 प्रतिशत रह गई हैं।
उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यमुनानगर में 7,272 करोड़ रुपये की लागत से 800 मेगावाट की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल इकाई की आधारशिला रखी, जो भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।
प्रो. असीम कुमार घोष ने बताया कि ‘म्हारा गांव जगमग गांव’ योजना के तहत 6,019 गांवों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 55,157 घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाए गए हैं तथा दिसंबर 2027 तक सभी सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा से सुसज्जित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राज्यपाल ने बताया कि वर्ष 2014–15 से अब तक लगभग 3.13 लाख ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए गए हैं, जबकि वर्ष 2004 से 2014 के बीच 1,69,226 कनेक्शन जारी हुए थे। पीएम-कुसुम योजना के तहत 1,88,116 सोलर पंप स्थापित कर हरियाणा देश में दूसरे स्थान पर है।
उन्होंने कहा कि गांवों में बड़े पैमाने पर सोलर स्ट्रीट लाइटें भी स्थापित की जा रही हैं। ये सभी प्रयास हरियाणा को स्वच्छ, हरित और ऊर्जा-सुरक्षित राज्य बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
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