कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में तेजी आ गई है। रॉयल एस्टेट ग्रुप के निदेशकों से पूछताछ के बाद सामने आए नए सुरागों में पूर्व गमाडा अधिकारियों से जुड़े संभावित संबंध और भूमि उपयोग मंजूरियों में अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।
कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में तेजी आ गई है। रॉयल एस्टेट ग्रुप के निदेशकों से पूछताछ के बाद सामने आए नए सुरागों में पूर्व गमाडा अधिकारियों से जुड़े संभावित संबंध और भूमि उपयोग मंजूरियों में अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।
खबर खास | चंडीगढ़
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रॉयल एस्टेट ग्रुप से जुड़े कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में नए सुराग मिलने के बाद अपनी जांच का दायरा और बढ़ा दिया है।
ग्रुप के निदेशकों प्रवीण कंसल और नीरज कंसल से दो दिन तक चली गहन पूछताछ के बाद, कथित रूप से ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के दो पूर्व अधिकारियों के नाम सामने आए हैं।
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए कई वर्तमान और पूर्व गमाडा अधिकारियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। एजेंसी को संदेह है कि कुछ रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को नियमों के खिलाफ जाकर चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) मंजूरियां दी गईं, जिससे संबंधित लोगों को लाभ पहुंचा।
ईडी ने 29 मई को प्रवीण कंसल और नीरज कंसल को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। दोनों से मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध वित्तीय लेन-देन और सरकारी प्रक्रियाओं में कथित हेरफेर के आरोपों पर पूछताछ की जा रही है।
पूछताछ के दौरान ईडी अधिकारियों ने दोनों निदेशकों से 200 से अधिक सवाल पूछे, जिनमें वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों, लंबित गमाडा देनदारियों में कथित संरक्षण, सीएलयू मंजूरी में मदद और निवेशकों के धन को विभिन्न कंपनियों में स्थानांतरित करने जैसे मुद्दे शामिल थे।
प्रारंभिक जांच में चार से पांच गमाडा अधिकारियों की संलिप्तता को लेकर संदेह जताया गया है। जांचकर्ता अब दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की गहन जांच कर रहे हैं ताकि उनकी भूमिका और कथित अनियमितताओं से जुड़े संबंधों की पुष्टि की जा सके।
फिलहाल जांच का फोकस रॉयल एस्टेट ग्रुप, सनटेक सिटी और अल्टस स्पेस बिल्डर्स से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर है। आशंका है कि कुछ प्रोजेक्ट्स के लिए सीएलयू मंजूरियां फर्जी दस्तावेजों और कथित रूप से गलत सहमति पत्रों के आधार पर हासिल की गईं।
हाल ही में कई जगहों पर की गई छापेमारी में ईडी को नकदी, डिजिटल रिकॉर्ड और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। इन सभी की जांच की जा रही है ताकि सरकारी अधिकारियों और बिल्डर ग्रुप के बीच संभावित संबंधों का पता लगाया जा सके, और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब के शहरों को कचरा मुक्त बनाने के लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए: डॉ. रवजोत सिंह
November 13, 2024
Comments 0