आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि इस समझौते का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को समयबद्ध और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है।
आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि इस समझौते का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को समयबद्ध और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है।
खबर खास, चंडीगढ़ :
सेवा वितरण में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन और चंडीगढ़ प्रशासन के बीच ऑटो अपील सिस्टम (AAS) के अपनाने और उपयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित किया गया है।
आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि इस समझौते का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को समयबद्ध और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है। हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन द्वारा विकसित ऑटो अपील सिस्टम (AAS) एक तकनीक आधारित नवाचार है, जो निर्धारित समय सीमा में सेवा न मिलने की स्थिति में अपीलों को स्वतः उच्च स्तर पर अग्रेषित करता है। इससे सेवा वितरण व्यवस्था अधिक उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित बनती है।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय द्वारा भी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस प्रणाली को अपनाने की सिफारिश की गई है, ताकि सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिल सके। इसी क्रम में चंडीगढ़ प्रशासन ने इस प्रणाली को अपनाने में रुचि दिखाई, जिसके परिणामस्वरूप यह समझौता संपन्न हुआ।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि समझौते के अनुसार AAS का स्वामित्व पूर्ण रूप से हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन के पास रहेगा, जबकि चंडीगढ़ प्रशासन को इसका सीमित, गैर-विशिष्ट और गैर-हस्तांतरणीय उपयोग अधिकार प्रदान किया गया है। यह प्रणाली केवल सरकारी एवं सार्वजनिक सेवा वितरण के उद्देश्यों के लिए ही उपयोग में लाई जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रणाली का किसी भी प्रकार का व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जा सकेगा और बिना पूर्व अनुमति के इसे किसी तीसरे पक्ष के साथ साझा नहीं किया जाएगा। साथ ही, चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा प्रणाली के उपयोग के दौरान हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन को स्रोत के रूप में उचित श्रेय देना अनिवार्य होगा।
प्रवक्ता ने बताया कि सहयोगात्मक संघवाद की भावना के तहत यह प्रणाली चंडीगढ़ प्रशासन को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन तकनीकी मार्गदर्शन और परामर्श भी उपलब्ध कराएगा। हालांकि, इसके कार्यान्वयन से संबंधित किसी भी प्रकार की वित्तीय या परिचालन जिम्मेदारी आयोग द्वारा वहन नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष इस समझौते के अंतर्गत साझा की गई तकनीकी एवं प्रशासनिक सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखेंगे। यह समझौता पांच वर्षों की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा, जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा। किसी भी विवाद की स्थिति में समाधान आपसी परामर्श से किया जाएगा तथा आवश्यकता होने पर मामला चंडीगढ़/पंचकूला न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र में आएगा।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन द्वारा ऑटो अपील सिस्टम (AAS) के विस्तार की दिशा में विभिन्न राज्यों और प्रशासनिक इकाइयों के साथ लगातार सहयोग बढ़ाया जा रहा है। हाल ही में त्रिपुरा सरकार, यू.टी. प्रशासन दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव के साथ भी इसी प्रकार के महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया था।
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