कीटों (चूहों) की आबादी में अचानक तेज़ वृद्धि ने प्रमुख कृषि क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुँचाया है और घरों व सार्वजनिक भवनों में भी घुसपैठ कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकट पिछले वर्ष की रिकॉर्ड फसल से जुड़ा हुआ है।
कीटों (चूहों) की आबादी में अचानक तेज़ वृद्धि ने प्रमुख कृषि क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुँचाया है और घरों व सार्वजनिक भवनों में भी घुसपैठ कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकट पिछले वर्ष की रिकॉर्ड फसल से जुड़ा हुआ है।
ख़बर खास | सिडनी
ऑस्ट्रेलिया इस समय एक असामान्य लेकिन गंभीर चूहा संकट का सामना कर रहा है, क्योंकि देश के कई हिस्सों में चूहों की आबादी तेज़ी से बढ़ गई है, जिससे किसानों, स्थानीय प्रशासन और आम लोगों के सामने बड़ी चुनौतियाँ खड़ी हो गई हैं। यह संक्रमण अब खेतों से बढ़कर घरों और सार्वजनिक सुविधाओं तक पहुँच गया है, जिससे स्वास्थ्य और आर्थिक नुकसान को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं।
यह प्रकोप विशेष रूप से पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख कृषि क्षेत्रों में अधिक गंभीर है, जहाँ हजारों चूहे खड़ी फसलों को नष्ट कर रहे हैं। कई किसानों को अपनी फसलें दोबारा बोनी पड़ रही हैं या चूहों को नियंत्रित करने के लिए भारी मात्रा में ज़हरयुक्त दाना (बेट) डालना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि उन्होंने पिछले दो दशकों में इस स्तर का संकट कभी नहीं देखा। कई लोग बताते हैं कि रात के समय छतों, दीवारों और एयर-कंडीशनिंग सिस्टम में चूहों की आवाज़ें सुनाई देती हैं, जबकि मृत चूहों की बदबू भी एक बड़ी समस्या बन गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस चूहा वृद्धि का मुख्य कारण पिछले वर्ष की रिकॉर्ड अनाज फसल है। खेतों में फैला हुआ अनाज चूहों के लिए भरपूर भोजन उपलब्ध कराता है, जिससे उनकी आबादी तेजी से बढ़ी और वे पूरे कृषि क्षेत्रों में फैल गए।
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