पहले दिन दो रैलियों में हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं ने भागीदारी दर्ज कराई सिर्फ कांग्रेस ही हाशिए पर धकेले गए वर्गों के हक में फैसले लेती है: भूपेश बघेल
पहले दिन दो रैलियों में हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं ने भागीदारी दर्ज कराई सिर्फ कांग्रेस ही हाशिए पर धकेले गए वर्गों के हक में फैसले लेती है: भूपेश बघेल
खबर खास, चंडीगढ़/गुरदासपुर/होशियारपुर :
पंजाब कांग्रेस ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी योजना मनरेगा की बहाली की मांग को लेकर पार्टी द्वारा घोषित ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के पहले चरण की शुरुआत में नेतृत्व किया।
यह संग्राम गुरदासपुर में आयोजित एक भव्य और विशाल रैली से शुरू हुआ, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ हजारों कार्यकर्ताओं, मजदूरों, किसानों और समाज के हाशिए पर रहने वाले वर्गों ने भाग लिया।
इस दौरान पार्टी नेताओं ने दोहराया कि केंद्र की भाजपा सरकार को मनरेगा बहाल करने और नए कानून ‘वीबी जीरामजी’ को वापस लेने के लिए मजबूर किया जाएगा, ठीक उसी तरह जैसे उसे तीन विवादित कृषि कानूनों को वापस लेना पड़ा था।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब प्रभारी कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है, जो हमेशा मेहनतकश लोगों और समाज के हाशिए पर रहने वाले वर्गों के हित में फैसले लेती आई है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में सोनिया गांधी और डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई मनरेगा योजना को न सिर्फ देश में, बल्कि पूरी दुनिया में एक गरीब-पक्षीय योजना के रूप में सराहा गया था।
बघेल ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा इस योजना को खत्म करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित पूरे कांग्रेस नेतृत्व ने मजदूरों और हाशिए पर रहने वाले वर्गों की आवाज़ बनने का फैसला किया है, क्योंकि इनके पास अपनी कोई ऐसी संस्था नहीं है जो इनके लिए लड़ सके।
कांग्रेस महासचिव ने पंजाब की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी सरकार को भी नहीं बख्शा और कहा कि ‘आप’ दरअसल भाजपा की बी-टीम है। उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार ने ग्रामीण गरीबों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अपना जरूरी 10 प्रतिशत हिस्सा भी नहीं दिया।
इस मौके पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले दिन से ही मनरेगा के प्रति विरोधी रवैया अपनाया था और इसे विफल बताया था। लेकिन सच्चाई यह है कि मनरेगा को दुनिया भर में सबसे बेहतर ग्रामीण रोजगार योजना के रूप में माना गया है। इससे ग्रामीण गरीबों को सम्मान मिला और उनकी खर्च करने की क्षमता बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिली।
वड़िंग ने नई योजना के तहत 125 दिनों का रोजगार देने के भाजपा के दावे पर तंज कसते हुए, कहा कि जब 100 दिनों का काम देना था, तब भी मनरेगा को सिर्फ 48 प्रतिशत ही लागू किया जा सका था। जबकि पंजाब में ‘आप’ सरकार के तहत यह एक प्रतिशत भी नहीं रहा। उन्होंने सवाल किया कि जब आप 50 दिनों का काम भी नहीं दे सकते, तो 125 दिनों की गारंटी पर कोई कैसे भरोसा करेगा?
वड़िंग ने जोर देते हुए, कहा कि ‘आप’ भाजपा से अलग नहीं है और उसने सिर्फ दिखावे के लिए विधानसभा सत्र बुलाकर मनरेगा खत्म करने के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था। उन्होंने पूछा कि ज़मीनी स्तर पर इससे क्या हासिल हुआ? उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार को अपने संसाधनों से पंजाब के ग्रामीण गरीबों के लिए कम से कम 4000 करोड़ रुपये की घोषणा करनी चाहिए थी।उन्होंने कहा कि जिस सरकार ने राज्य पर कर्ज का बोझ बढ़ाकर कुल कर्ज 4.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया हो, उससे और क्या उम्मीद की जा सकती है। ‘आप’ सरकार सिर्फ दिखावटी बातें कर रही है।
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार पंजाब के प्रति दुश्मनी वाला रवैया अपना रही है। उन्होंने बताया कि 9000 करोड़ रुपये का ग्रामीण विकास फंड रोका गया है और अब मनरेगा खत्म होने से ग्रामीण गरीब और ज्यादा प्रभावित होंगे।बाजवा ने ‘आप’ सरकार पर हर मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाया और कहा कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।
इस मौके पर पूर्व उप मुख्यमंत्री और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा व गुरदासपुर के विधायक बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा ने भी संबोधित किया।
रैली में अन्य लोगों के अलावा, रविंदर दलवी, सूरज ठाकुर, डॉ. अमर सिंह सांसद, परगट सिंह विधायक, अरुणा चौधरी (विपक्ष की उप नेता), नरेश पुरी विधायक, राणा गुरजीत सिंह, तृप्त राजिंदर सिंह विधायक, सुखपाल सिंह खैहरा विधायक, हरदेव सिंह लाडी, सुखविंदर कोटली विधायक, अमित विज पूर्व विधायक, जसबीर सिंह डिंपा पूर्व सांसद, डॉ. राज कुमार पूर्व विधायक, सुनील दत्ती पूर्व विधायक, हरप्रताप सिंह अजनाला पूर्व विधायक, जोगिंदर पाल भोआ पूर्व विधायक, संतोष सिंह भलाइपुर पूर्व विधायक, इंदू बाला पूर्व विधायक, अरुण डोगरा, पवन आदीया, दलजीत सिंह गिलजियां, सुंदर शाम अरोड़ा, पन्ना लाल भाटिया जिला कांग्रेस अध्यक्ष पठानकोट, सौरभ मित्तू मदान जिला कांग्रेस अध्यक्ष अमृतसर, पंजाब यूथ कांग्रेस अध्यक्ष मोहित मोहिंद्रा, एनएसयूआई अध्यक्ष इशरप्रीत सिंह, जस्करण सिंह काहलों, नरेंद्र सिंह संधू, टीना चौधरी आदि शामिल रहे।
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