पहले चरण में लगभग 10,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों को कवर किया जा रहा है, मुख्य रूप से उत्तरी राज्यों में
पहले चरण में लगभग 10,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों को कवर किया जा रहा है, मुख्य रूप से उत्तरी राज्यों में
खबर खास | चंडीगढ़
सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव को आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम शुरू किया है। इस सिस्टम के तहत अब हर छह महीने में राष्ट्रीय राजमार्गों की स्कैनिंग की जाएगी, जिससे सड़क की गुणवत्ता में सुधार, खामियों का शुरुआती चरण में पता लगाने और मरम्मत कार्य में तेजी लाई जा सकेगी।
क्षेत्रीय योजना के तहत पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर को उत्तरी जोन में शामिल किया गया है। पहले चरण में लगभग 10,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों को कवर किया जा रहा है, जिसमें कई क्षेत्रों में सर्वे का काम पहले ही शुरू हो चुका है।
इस प्रणाली के तहत अत्याधुनिक लेजर स्कैनिंग तकनीक का उपयोग करके सड़क की सतह की उच्च सटीकता के साथ मैपिंग की जाएगी, जिससे बेहद छोटी-छोटी खराबियां भी पकड़ में आ सकेंगी। एकत्रित डेटा को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के केंद्रीय प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाएगा, जहां एआई टूल्स इसका विश्लेषण कर तुरंत मरम्मत योग्य हिस्सों की पहचान करेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना चरणबद्ध तरीके से 23 राज्यों में लगभग 20,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों को कवर करेगी। इसके लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए सर्वे वाहन बिना यातायात को बाधित किए सड़कों की लगातार स्कैनिंग करेंगे, जिससे वास्तविक समय में डेटा एकत्र किया जा सकेगा।
इस सिस्टम में इंटरनेशनल रफनेस इंडेक्स (IRI) को भी शामिल किया गया है, जो सड़क की गुणवत्ता मापने का अंतरराष्ट्रीय मानक है। जिन राजमार्गों का स्तर निर्धारित मानकों से नीचे होगा, उनकी तुरंत मरम्मत अनिवार्य होगी और ठेकेदारों पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
करीब 4,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना सड़क सुरक्षा में सुधार, दुर्घटनाओं में कमी और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने में मदद करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क क्षति का समय रहते पता लगने से बड़े नुकसान को रोका जा सकेगा और रखरखाव लागत भी कम होगी, साथ ही राजमार्गों की उम्र भी बढ़ेगी।
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