वित्त मंत्री ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर जवाब देने के लिए कांग्रेस और भाजपा हाईकमान को चुनौती दी कहा, ‘आप’ सरकार भ्रष्टाचार को बेनकाब करने के लिए प्रतिबद्ध है
वित्त मंत्री ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर जवाब देने के लिए कांग्रेस और भाजपा हाईकमान को चुनौती दी कहा, ‘आप’ सरकार भ्रष्टाचार को बेनकाब करने के लिए प्रतिबद्ध है
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने आज कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हाईकमान पर निशाना साधते हुए उन्हें नवजोत कौर सिद्धू और सुनील जाखड़ द्वारा लगाए गए गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों पर तुरंत जवाब देने की चुनौती दी है।
यहां पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “मैं कांग्रेस और भाजपा हाईकमान को इन आरोपों पर तुरंत प्रतिक्रिया देने की चुनौती देता हूँ।” उन्होंने दोनों पार्टियों से प्रश्न किया, “आप चुप क्यों हैं? क्या आप इसलिए चुप हैं क्योंकि आप भी इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं? मैं कांग्रेस और भाजपा हाईकमान को 24 घंटे के भीतर जवाब देने की चुनौती देता हूँ।”
मंत्री चीमा ने उन नेताओं पर दोनों पार्टियों की चुप्पी पर सवाल उठाया जिन्होंने अपनी पार्टी बदली है, लेकिन जिनके पुराने कार्यकाल और बयानों से गहरा भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। उन्होंने कहा कि पंजाब भाजपा के मौजूदा प्रधान, जो पहले पंजाब कांग्रेस के प्रधान थे, ने जिन दो मुख्यमंत्रियों—कप्तान अमरिंदर सिंह (जिन्होंने नवजोत कौर सिद्धू के अनुसार कथित तौर पर 500 करोड़ रुपये देकर मुख्यमंत्री बने) और चरणजीत सिंह चन्नी (जिन्होंने सुनील जाखड़ के अनुसार 350 करोड़ रुपये देकर मुख्यमंत्री पद हासिल किया)—के शासन में सेवा की, उन पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने पूछा कि श्री जाखड़ कांग्रेस में रहते हुए कथित रूप से मंत्री पद और विधानसभा सीटें बेचने जैसी बातों पर चुप क्यों रहे और भाजपा में शामिल होने के बाद ही क्यों बोले। उन्होंने चन्नी के एक रिश्तेदार के मामले का भी उल्लेख किया, जिनसे लगभग 10 करोड़ रुपये बरामद हुए थे और जो अभी न्यायालय में विचाराधीन है।
वित्त मंत्री ने कहा कि 1997 से 2022 तक पंजाब पर शासन करने वाली पार्टियों के नेताओं के चरित्र और आचरण को अब उनके ही सदस्यों द्वारा उजागर किया जा रहा है। उन्होंने नवजोत कौर सिद्धू के हाल ही के खुलासे का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री का पद कथित तौर पर 500 करोड़ रुपये में “बेचा” गया था। एडवोकेट चीमा ने अनुमान लगाया कि कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों ने लगभग 2,000 करोड़ रुपये खर्च किए होंगे, जिसके परिणामस्वरूप पंजाब के लोगों को करीब 30,000 करोड़ रुपये की लूट का सामना करना पड़ा।
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य में रेत, शराब और ट्रांसपोर्ट माफिया, अनुसूचित जातियों के छात्रवृत्ति घोटाले और नशा छुड़ाने वाले केंद्रों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, कांग्रेस पार्टी की “लूट की प्रणालीगत व्यवस्था” का नतीजा थे, जिसने किसानों, मजदूरों, व्यापारियों, दलित समुदाय और सरकारी कर्मचारियों का निरंतर शोषण किया।
चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग साफ समझ चुके हैं कि पिछली सरकारें कितनी गहराई तक भ्रष्टाचार में डूबी हुई थीं, जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी (आप) को भारी बहुमत दिया।
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में 95 ‘आप’ विधायकों वाली ईमानदार सरकार बनने के बाद ही इस भ्रष्टाचार का असली चेहरा उजागर हुआ। आज पंजाब में कोई ज़मीन घोटाला नहीं है, कोई ट्रांसपोर्ट घोटाला नहीं है, दलितों पर कोई अत्याचार नहीं है। यह साबित करता है कि लोगों ने एक ईमानदार सरकार को चुना है।”
उन्होंने ‘आप’ सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया, जिनमें युवाओं के लिए रोजगार, स्कूल ऑफ़ एमिनेंस, 3,000 खेल स्टेडियम, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और मजबूत सड़क नेटवर्क शामिल हैं, जो बीते समय की “कूटो और लूटो” वाली राजनीति के अंत का संकेत है।
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