पांच, छह और 12 सीटर वाहनों के बढ़ाए शुल्क को लिया वापिस
पांच, छह और 12 सीटर वाहनों के बढ़ाए शुल्क को लिया वापिस
खबर खास, शिमला :
हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश में पांच सीटर, छह व 12 सीटर वाहनों पर बढ़ाए गए प्रवेश शुल्क के फैसले को वापिस ले लिया है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज, विधानसभा में कहा कि अब पहले की तरह ही पांच सीटर वाहनों से 70 रुपए और 6 से 12 सीटर वाहनों से 110 रुपए ही एंट्री टैक्स लिया जाएगा।
इससे पहले राज्य सरकार ने पांच सीटर वाहनों पर एंट्री टैक्स 70 से बढ़ाकर 170 रुपए और 6 से 12 सीटर वाहनों पर 110 से बढ़ाकर 130 रुपए किया था। इस फैसले का पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा में विरोध शुरू हो गया था। खासतौर पर सीमावर्ती इलाके में रहने वाले पंजाब सरकार ने इसका विरोध किया और कई जगह प्रदर्शन भी किए। जबकि टैक्सी ऑपरेटर भी इस फैसले के खिलाफ दिखे।
इस मुद्दे को भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने आज विधानसभा में पॉइंट ऑफ ऑर्डर के तहत उठाया। रणधीर ने कहा कि पंजाब और हरियाणा में एंट्री टैक्स को लेकर बड़ा विरोध हो रहा है और इससे सीमा क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है। आज सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले बीजेपी विधायकों ने इसी मसले को लेकर विधानसभा के बाहर भी प्रदर्शन किया।
गौर रहे कि बता दें कि सरकार ने प्रवेश शुल्क में 100 से 280 रुपये तक की बढ़ोतरी की थी। इसके विरोध में पंजाब सरकार ने भी हिमाचल के वाहनों पर टैक्स लगाने के संकेत दिए थे और मामला पंजाब विधानसभा में भी उठा। हालांकि, अब एंट्री टैक्स वापस लेने के फैसले के बाद स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
हिमाचल देश के कई राज्यों से जुड़ा हुआ है जिसके चलते उसकी सीमा कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश से लगती है। इसी लिए सरकार के इस फैसले पर विवाद हो रहा था। पंजाब और हिमाचल की सीमा में ऊना के मैहतपुर और गगरेट में प्रवेश प्वाइंट है। इसके अलावा कांगड़ा, पठानकोट, कंडवाल और नूरपुर, चंबा-पठानकोट मार्ग, बिलासपुर-नंगल और आनंदपुर साहिब एंट्री प्वाइंट हैं।
वैसे ही हरियाण से परवाणू, कालका, एनएच-5, बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़ का औद्योगिक क्षेत्र इसमें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पांवटा साहिब-यमुनानगर, जगाधरी भी एक अहम रूट हैं जहां से व्यापार संचालित होता है। हिमाचल से पांवटा साहिब-विकास नगर और देहरादून के बीच एंट्री प्वाइंट है। जबकि रोहडू-त्यूणी -चकराता क्षेत्र और किन्नौर व उत्तरकाशी भी हिमाचल और उत्तराखंड के बीच का प्रवेश द्वार है।
जम्मू कश्मीर और हिमाचल में चंबा-भद्रवाह-डोडा, लाहौल स्पीति-जांस्कर में एंट्री प्वाइंट है। इसके अलावा चंडीगढ़ की सीमा से लगता हिमाचल का परवाणू यहां का सबसे व्यस्तम और प्रमुख मार्ग हैं जहां निर्वाध आवागमन जारी रहता है।
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