अमृतपाल मेहरों ने इंस्टाग्राम इंफ्लुएंसर की हत्या कर बठिंडा में फेंका था शव
अमृतपाल मेहरों ने इंस्टाग्राम इंफ्लुएंसर की हत्या कर बठिंडा में फेंका था शव
खबर खास, चंडीगढ़ :
लुधियाना की सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर कंचन कुमारी ऊर्फ कमल कौर भाभी की हत्या का मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह मेहरों को संयुक्त अरब अमीरात से गिरफ्तार कर लिया गया है। मेहरो को बठिंडा पुलिस की टीम यूएई की अथॉरिटीज से कस्टडी में लेकर भारत पहुंची। मेहरों को इसी साल जनवरी में शारजाह पुलिस ने वीजा से जुड़े मामले में पूछताछ के दौरान हिरासत में लिया था।
गौर रहे कि मेहरों ने 11 जून 2025 को अपने दो साथियों के साथ मिलकर कमल कौर का न सिर्फ अपहरण किया बल्कि उसकी हत्या कर दी। शव को बठिंडा में ही एक कार में छोड़कर सभी फरार हो गए। इस वारदात के बाद अमृतपाल देश छोड़कर फरार हो गया जबकि उसके अन्य साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर उसकी लोकेशन मिडिल ईस्ट में ट्रेस की और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू की। बाद में उसे हिरासत में लेकर भारत डिपोर्ट किया गया। आज सुबह उसे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक हत्यारोपी निमरतजीत सिंह और जसप्रीत से कई घंटे पूछताछ के बाद खुलासा हुआ था कि अमृतपाल इस मामले में मुख्य मास्टरमाइंड है। उन्होंने बताया कि वह पिछले तीन महीनों से कंचन उर्फ कमल भाभी को मारने की योजना बना रहा था। इस योजना में उन दोनों को भी शामिल किया गया। पहले तीनों ने लुधियाना जाकर कंचन की रेकी की और उसके घर के आसपास के कई होटलों में भी ठहरे। सात जून को अमृतपाल और जसप्रीत लुधियाना गए। जसप्रीत कंचन के घर के बाहर और अमृतपाल घर के अंदर गया। लेकिन तब कंचन घर पर नहीं मिली। आठ जून को दोनों दोबारा उसके घर गए जहां कंचन और उसकी मां उसे मिले।
एसएसपी अमनीत कौंडल के मुताबिक अमृतपाल ने कंचन से कहा कि बठिंडा में कार के शोरुम का प्रमोशन करना है। कंचन ने उसे मना कर दिया कि उसकी मां की अभी तबीयत ठीक नहीं है। इसके बाद अमृतपाल चला गया। इसी दिन अमृतपाल ने कंचन को दोबारा कॉल की और उसे बातों में लिया। उससे कहा कि तुम्हारी कार की रेनोवेशन आदि भी करवा देंगे। इन बातों में आकर कंचन मान गई। नौ जून को अमृतपाल, जसप्रीत और निमरत स्कॉर्पियो में सवार होकर मोगा से लुधियाना पहुंचे। अमृतपाल ने कंचन को वॉट्सऐप कॉल की और अपोलो अस्पताल के नजदीक बुला लिया। इसके बाद अमृतपाल कंचन की ईओन कार में पिछली सीट पर बैठ गया, जबकि स्कॉर्पियो को जसप्रीत और निमरत लेकर उनके आगे-आगे चल दिए। जैसे ही दोनों कारें बठिंडा पहुंची तो अमृतपाल अपनी स्कॉर्पियो में शिफ्ट हो गया, जबकि निमरत, कंचन के साथ उसकी कार में सवार हो गया।
कंचन के साथ निमरत उसकी गाड़ी लेकर गैरेज में चला गया। गाड़ी का काम शाम 5 बजे से रात साढ़े 12 बजे तक चलता रहा। काम पूरा होने के बाद कंचन और निमरत गैरेज से बाहर आए। वहीं, जसप्रीत और अमृतपाल भी स्कॉर्पियो लेकर गैरेज के बाहर इन्हें मिले। दोनों कारें शहर में घूमती रही। भुच्चों के नजदीक और आस-पास कई आउट लेट्स में चारों देर रात तक घूमते रहे। प्लान के मुताबिक जसप्रीत ने एक पेट्रोल पंप पर अपनी स्कॉर्पियो कार पार्क कर दी।
ऐसी दिया हत्या को अंजाम
पुलिस के मुताबिक चारों कंचन की कार ईओन में सवार हां गए और कार अमृतपाल चलाने लगा। उसकी बगल में निमरत जबकि कंचन ओर जसप्रीत पीछे बैठे। वह गाड़ी को सुनसान जगह पर ले गए और कंचन से उसके मोबाइल के पासवर्ड मांगे। जब कंचन ने विरोध किया तो निमरत और जसप्रीत ने उसे थप्पड़ मारे व दोनों फोन अमृतपाल ने ले लिए। इसके बाद निमरत और जसप्रीत दोनों पिछली सीट पर आ गए। अमृतपाल ने तब कहा कि इसका काम कर दो। जसप्रीत ने कमरकस उसके गले में डाला और एक तरफ से उसे खींचने लगा। वहीं, दूसरी और से निमरत ने कमरकस को खींचा। जबकि अमृतपाल ने कंचन का गला दबाया। करीबन 15 मिनट तक कंचन तड़पी और उसकी मौत हो गई। इसके बाद तीनों उस पेट्रोल पंप पर पहुंचे, जहां स्कॉर्पियो पार्क की थी। यहां इन तीनों के दो अन्य साथियों तरनतारण के रहने वाले रणजीत सिंह और एक अन्य ने एक दूसरी गाड़ी खड़ी की हुई थी।
हत्या के बाद अमृतपाल ने जसप्रीत और निमरत से कहा कि आदेश अस्पताल की पार्किंग में कंचन की कार पार्क करनी है। आदेश अस्पताल की पार्किंग में रात दो बजे जसप्रीत ने गाड़ी खड़ी कर दी और वहां से निकल गए।लेकिन वहां से जाने के बाद जसप्रीत को याद आया कि कंचन के गले में डाला फंदा कार में ही रह गया था। उन्होंने अमृतपाल को इस बाबत बताया और उसने उन्हें कमरकस को वापिस लाने को कहा। दोनों दोबारा पार्किंग में पहुंचे और कार को निकाल लिया और फंदा निकालने के बाद पांच बजे दोबारा पार्किंग में लगा दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि अमृतपाल इस हत्याकांड का मास्टरमांइड है और तीनों ने मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया। इसके अलावा रणजीत और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है। अमृतपाल को दबोचने की पुलिस कोशिश कर रही थी, लेकिन वह कहीं मिला नहीं। 15 जून को लुक आउट नोटिस जारी किया तो अमृतपाल के पासपोर्ट का नंबर पता करके उसकी ट्रैवल हिस्ट्री की जांच करवाई। जांच दौरान सामने आया कि वह अमृतसर एयरपोर्ट से हत्या वाली सुबह ही सवा 9 बजे यूएई भाग गया था।
पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सर्वजीत सिंह बराड़ ने बताया कि कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर भाभी हत्याकांड का मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह महरों, जो लंबे समय से फरार था, उसे आज गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि वारदात के बाद अमृतपाल विदेश भाग गया था। बाद में मिडिल ईस्ट की पुलिस की मदद से उसे भारत लाया गया और पंजाब पुलिस के काउंटर इंटेलिजेंस विंग के ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रैडिशन सेल के जरिए गिरफ्तार किया गया।
बराड़ ने कहा कमल कौर एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर थी और वीडियो व रील्स बनाती थी, जिससे आरोपी को आपत्ति थी। इस मामले में उसके तीन साथी- जसप्रीत सिंह, निम्रतजीत सिंह और रणजीत सिंह को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अमृतपाल लंबे समय से फरार था। उसे पकड़ने के लिए इंटरपोल के जरिए रेड नोटिस भी जारी किया गया था और अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। अब पूरी कोऑर्डिनेशन के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
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