वीडियो के माध्यम से खुलासा किया कि कैसे नकली डेयरी उत्पाद बनाए जा रहे हैं
कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य पालन और सहकारिता के लिए संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में चन्नी ने नकली डेयरी उत्पादों की जाँच को आसान बनाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की।
खबर खास, जालंधर :
जालंधर से कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो साझा करते हुए पंजाब और देश में चल रहे नकली डेयरी उत्पादों के खिलाफ आवाज उठाई है। जिसमें चरणजीत सिंह चन्नी ने नकली डेयरी उत्पादों से होने वाले जान-माल के नुकसान, इसकी जाँच प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ सख्त सजा की भी मांग की है।
सांसद चन्नी ने वीडियो के जरिए बताया कि कैसे दूध माफिया यूरिया, डिटर्जेंट पाउडर और अन्य जहरीले पदार्थों के इस्तेमाल से नकली दूध बना रहे हैं। जिससे देशवासी भयानक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
चन्नी ने वीडियो के जरिए सिर्फ नकली दूध का ही मुद्दा नहीं उठाया बल्कि नकली दूध के कारण प्रभावित हो रही डेयरी फार्मिंग के लिए भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नकली दूध सस्ता होने के कारण असली दूध की कीमतों को भी नुकसान पहुँच रहा है, जिसका सीधा असर डेयरी फार्मिंग पर पड़ रहा है और यह धंधा घाटे वाला बनता जा रहा है।
सांसद चन्नी ने कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य पालन और सहकारिता के लिए संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में सुझाव देते हुए कहा कि सरकार को डेयरियों और दूध के बूथों पर तुरंत चेकिंग करने वाली मशीनें लगानी चाहिए ताकि खरीदार डेयरी उत्पाद खरीदते समय यह जाँच सकें कि दूध असली है या नकली, और यह प्रक्रिया सस्ती होनी चाहिए ताकि हर किसी की पहुँच में आ सके।
सांसद चन्नी ने नकली दूध बनाने वाले दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि मौजूदा कानून नरम और कम जुर्माने वाला होने के कारण डेयरी माफिया इसे कुछ भी नहीं समझते, इसलिए इसे बदलने की जरूरत है। चन्नी ने वीडियो में यह भी जिक्र किया कि नकली डेयरी उत्पादों का उपयोग करने से किसी की जान तक जा सकती है, जिस कारण यह एक तरह से 'इरादा-ए-कत्ल' (हत्या के प्रयास) जैसा संगीन अपराध है। इसलिए सजा और सख्त तथा जुर्माना और बड़ा होना चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति, जो देशवासियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने के बारे में सोचे, उसे कानून का डर हो।
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