अस्पताल के साथ म्यूजियम भी होगा खास आकर्षण प्रस्तावित अस्पताल का नाम ‘लता-आशा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ या ‘लता-आशा मंगेशकर आयुर्विद्या संस्थान’ रखा जा सकता है।
अस्पताल के साथ म्यूजियम भी होगा खास आकर्षण प्रस्तावित अस्पताल का नाम ‘लता-आशा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ या ‘लता-आशा मंगेशकर आयुर्विद्या संस्थान’ रखा जा सकता है।
ख़बर ख़ास, मुंबई :
मशहूर गायिका आशा भोसले और लता मंगेशकर की गौरवशाली विरासत को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने की योजना का खुलासा किया है, जिसे इन महान बहनों की स्मृति को समर्पित किया जाएगा। इस पहल को मंगेशकर परिवार की विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
मीडिया से बातचीत में हृदयनाथ मंगेशकर ने बताया कि इस अस्पताल को एशिया का सबसे बड़ा बनाने की कोशिश की जा रही है और इसके लिए विशाल भूमि का चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि आगे की सफलता ईश्वर की इच्छा पर निर्भर करेगी। प्रस्तावित अस्पताल का नाम ‘लता-आशा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ या ‘लता-आशा मंगेशकर आयुर्विद्या संस्थान’ रखा जा सकता है। इसके साथ ही एक भव्य म्यूजियम बनाने की भी योजना है, जहां मंगेशकर परिवार की संगीत यात्रा और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इस म्यूजियम में लोगों को इंटरएक्टिव तरीके से संगीत सीखने का भी अवसर मिलेगा।
इसी बीच, आशा भोसले के निधन की खबर से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई। उन्होंने मुंबई में 92 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। सोमवार को उनके अंतिम संस्कार में फिल्म और संगीत जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं। आमिर खान, विक्की कौशल, तबु, विवेक ओबेरॉय, अनु मलिक, अनूप जलोटा, सुदेश भोसले, शान और रमेश सिप्पी जैसे सितारों ने शिवाजी पार्क में पहुंचकर उन्हें अंतिम विदाई दी।
इस दौरान शान और सुदेश भोसले ने ‘अभी ना जाओ छोडकर' गाकर भावुक श्रद्धांजलि दी। वहीं श्रेया घोषाल ने अपने लंदन टूर के दौरान ‘अभी ना जाओ छोड़ कर' और ‘दो लफ़्ज़ों की है दिल की कहानी' गाकर उन्हें याद किया। आशा भोसले को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई, जहां उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर अंतिम संस्कार किया गया।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
Comments 0