तकनीकी खराबी के कारण गुलमर्ग गोंडोला बीच रास्ते में ही रुक गया, जिसमें महिला, बच्चे और बुजुर्ग सहित सैकड़ों पर्यटक हवा में झूलती केबिनों में फंस गए। कठिन इलाके और ऊँचाई वाले क्षेत्र में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सेना द्वारा बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
खबर खास | श्रीनगर
जम्मू-कश्मीर जम्मू और कश्मीर में सोमवार को उस समय एक बड़ा आपातकालीन हालात बन गया जब दुनिया की तीसरी सबसे ऊँची केबल कार रोपवे गुलमर्ग गोंडोला में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे 300 से अधिक पर्यटक बीच हवा में फंस गए।
यह घटना लगभग दोपहर 2:30 बजे हुई जब गुलमर्ग गोंडोला सेवा अचानक तकनीकी फॉल्ट के कारण रुक गई और विभिन्न स्टेशनों के बीच कई केबिन बीच रास्ते में ही ठहर गए। फंसे हुए पर्यटकों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे, जो केबिनों के अंदर घबराए और रोते हुए देखे गए।
अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित केबिनों में से लगभग 10 पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जिनमें कई को रस्सी आधारित रेस्क्यू तकनीक के जरिए नीचे उतारा गया। बताया जा रहा है कि इस फेज में कुल 62 केबिन हैं, जबकि पूरे सिस्टम में 108 केबल कारें शामिल हैं, जिनमें प्रत्येक में 6 यात्रियों के बैठने की क्षमता है।
तकनीकी टीमों ने शुरुआत में मौके पर ही खराबी ठीक करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के साथ सेना, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें बड़े पैमाने पर बचाव अभियान के लिए तैनात कर दी गईं।
अधिकारियों ने बताया कि रूट का फेज-2 सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण है क्योंकि यह अधिक ऊँचाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में स्थित है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सभी यात्रियों को सुरक्षित निकालने तक रेस्क्यू ऑपरेशन देर रात तक चल सकता है।
Comments 0