51 नगर निकायों में 17 मई को चुनाव, 31 मई को निकलेगा परिणाम, चार नगर निगम समेत 25 नगर परिषद व 22 नगर पंचायतों होने हैं चुनाव नगर पंचायत व नगर परिषद में मतदान के दिन ही आएगा परिणाम
51 नगर निकायों में 17 मई को चुनाव, 31 मई को निकलेगा परिणाम, चार नगर निगम समेत 25 नगर परिषद व 22 नगर पंचायतों होने हैं चुनाव नगर पंचायत व नगर परिषद में मतदान के दिन ही आएगा परिणाम
खबर खास, शिमला :
हिमाचल प्रदेश में नगर निकायों, नगर निगमों, नगर परिषद व नगर पंचायतों में चुनावों की तारीख का ऐलान हो गया है। यहां 17 मई को चुनाव होंगे। स्टेट इलेक्शन कमिश्नरअनिल खाची ने आज मंगलवार को इस बाबत घोषणा कर दी। इसके साथ ही शहरी निकायों में आचार संहिता लागू हो गई है। गौर रहे कि चार नगर निगम सोलन, मंडी, धर्मशाला व पालमपुर, 25 नगर परिषद और 22 नगर पंचायतों में चुनाव होने हैं।
अनिल खाची ने कहा कि नगर पंचायत और नगर परिषदों में वोटिंग वाले दिन यानि 17 मई को ही रिजल्ट आएंगे, जबकि चार नगर परिषदों के नतीजे को 31 मई का इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि इन चुनावों में 1 लाख 80 हजार 963 पुरुष, 1 लाख 79 हजार 882 महिला वोटर और 14 अन्य वोटर मतदान करेंगे। कुल मिलाकर 3 लाख 60 हजार 859 वोटर मतदान करेंगे। इनमें 18 वर्ष की आयु पूरा करने 1808 ऐसे वोटर हैं जो पहली बार मतदान करेंगे।
कमिश्नर ने कहा कि पंचायत चुनाव की घोषणा एक सप्ताह बाद की जाएगी। राज्य की 3857 पंचायतों में चुनाव होने है।
अनिल खाची ने चुनावी कार्यक्रम जारी करते हुए कहा कि इन चुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा आज (21 अप्रैल को) ही नोटिस जारी किया जाएगा। नामांकन पत्र 29 व 30 अप्रैल और 2 मई (दोपहर 3 बजे तक) भरे जाएंगे। इनकी जांच 4 मई को सुबह 10 बजे से होगी। नामांकन वापस लेने का समय 6 मई (सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक) निर्धारित है। नामांकन वापसी के बाद उसी वक्त चुनाव चिन्ह आवंटित होंगे।
खाची ने कहा- मतदान केंद्रों की लिस्ट का प्रकाशन 29 अप्रैल को करना होगा, जबकि 17 मई को सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान होगा। पंचायतीराज संस्थाओं के नतीजे प्रभावित न हो, इसलिए नगर निगम की काउंटिल 31 मई को रखी गई है, क्योंकि नगर निगम चुनाव पार्टी चिन्ह पर होते है। इसका असर जिला परिषद चुनाव पर पड़ सकता है।
अनिल खाची ने कहा कि निगम चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार अधिकतम एक लाख रुपए खर्च कर सकेंगे, जबकि नगर परिषद चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार 75 हजार रुपए और नगर पंचायत चुनाव लड़ने वाले दावेदार अधिकतम 50 हजार रुपए खर्च कर सकेंगे। सभी को चुनावी खर्च का ब्योरा मतदान की तारीख से अगले एक महीने के भीतर देना होगा। खास बात यह है कि यह नगर पंचायत और नगर परिषद का चुनाव इलेक्शन कमीशन द्वारा चिन्ह पर होंगे, जबकि नगर निगम के चुनाव पार्टी चिन्ह पर होंगे। यह चुनाव ईवीएम पर होंगे, जबकि पंचायत चुनाव बैलेट पेपर से करवाए जाएंगे।
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