हरियाणा कांग्रेस की रिपोर्ट पर केंद्रीय समिति ने की कार्रवाई
हरियाणा कांग्रेस की रिपोर्ट पर केंद्रीय समिति ने की कार्रवाई
खबर खास, चंडीगढ़ :
हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले पांच विधायकों को कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया है। इन पांचों पर राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवार सतीश नांदल के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने के आरोप लगे थे। इस चुनाव में पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध मात्र एक वोट से कम अंतर से जीत पाए थे। केंद्रीय नेतृत्व में हरियाणा कांग्रेस की अनुशासनात्म कार्रवाई समिति की रिपोर्ट को स्वीकर करते हुए इन पांचों एमएलए को निलंबित कर दिया है।
इन पांचों विधायकों में नारायणगढ़ से शैली चौधरी, साढ़ौरा से रेनू बाला, पुन्हाना से मोहम्मद इलियास, हथीन से मोहम्मद इजराइल और रतिया से जरनैल सिंह शामिल हैं। वहीं, कांग्रेस पार्टी से निलंबन किए जाने पर नारायणगढ़ से विधायक शैली चौधरी ने कहा है कि उन्हें अभी इस मामले में कोई चिट्ठी पार्टी की ओर से प्राप्त नहीं हुई है। जब तक वह उन्हें नहीं मिल जाती, तब तक वह इस मामले में कुछ नहीं कह पाएंगी। उन्होंने कहा कि वह अभी अपने परिवार के साथ हरियाणा से बाहर हैं।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई प्रदेश अनुशासन समिति की सिफारिश और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की स्वीकृति के बाद की गई है। बताया कि पांचों विधायकों ने राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध मतदान कर गंभीर अनुशासनहीनता का परिचय दिया, जो संगठनात्मक मर्यादाओं के प्रतिकूल है।
निलंबित हुईं रेनु बाला और शैली चौधरी सांसद कुमारी सैलजा के करीबी हैं। दोनों दूसरी बार विधायक बनी हैं और इन दोनों को टिकट सैलजा की सिफारिश पर मिला था। लेकिन 16 मार्च को वोटिंग के दिन शैली चौधरी को विस गेट के पास सीएम नायब सिंह सैनी की टीम से जुड़े तरूण भंडारी के साथ देखा गया। तरूण भंडारी एक समय में पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के रजनीतिक सचिव रह चुके हैं और हिमाचल में भी कांग्रेस सरकार गिराने को लेकर ऑपरेशन लोट्स के तहत उनकी सक्रिय भूमिका देखी गई।
वहीं, मतदान के बाद मोहम्मद इलियास नायब सैनी से मिलने गए। इलियास लंबे समय से गुर्दे की बीमारी के चलते डायलसिस पर थे और वोटिंग देने भी दो लोगों का सहारा लेकर पहुंचे थे। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा उन्हें खुद अपनी गाड़ी में बिठाकर विस लेकर आए थे। पांच बार के विधायक रहे इलियास इससे पहले इनेलो में भी रहे हैं।
इसके अलावा मोहम्मद इजराइल भी दूसरी बार विधायक बने हैं। उनके पिता जलेब खान भी विधायक रहे और हुड्डा सरकार में मुख्य संसदीय सचिव भी रहे। कॉस वोटिंग पर भेजे गए शोकॉज नोटिस पर सबसे पहले इजराइल ने ही माना था कि उन्हें कांग्रेस का उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध पसंद नहीं था।
गौर रहे कि कांग्रेस ने जिन विधायकों को निलंबित किया है, उनकी विधायकी को तो कोई खतरा नहीं है। लेकिन यदि वह पार्टी खुद छोड़ते हैं तभी उनका पद खतरे में होगा।
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