पंजाब के कृषि और किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुडि्डयां ने आज यहां बताया कि इस खरीफ सीजन के दौरान राज्य में पराली जलाने के मामलों में 70% की बड़ी कमी दर्ज की गई है।
पंजाब के कृषि और किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुडि्डयां ने आज यहां बताया कि इस खरीफ सीजन के दौरान राज्य में पराली जलाने के मामलों में 70% की बड़ी कमी दर्ज की गई है।
कहा, क्षेत्रीय सेक्टर में मशीनरी के बढ़ते उपयोग के कारण पराली जलाने के मामलों में आई कमी
सरकार ने मंजूर 22,582 में से किसानों ने 16,125 सीआरएम मशीनें खरीदीं
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब के कृषि और किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुडि्डयां ने आज यहां बताया कि इस खरीफ सीजन के दौरान राज्य में पराली जलाने के मामलों में 70% की बड़ी कमी दर्ज की गई है।
30 नवंबर, जो खरीफ सीजन 2024 का अंतिम दिन था, तक पंजाब में पराली जलाने के कुल 10,909 मामले सामने आए। यह संख्या 2023-24 सीजन में दर्ज 36,663 मामलों की तुलना में काफी कम है।
खुडि्डयां ने कहा कि कृषि क्षेत्र में फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) मशीनरी के बढ़ते उपयोग के कारण पराली जलाने के मामलों में यह कमी दर्ज की गई है। स गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि किसानों को सब्सिडी पर 22,582 सीआरएम मशीनों के लिए मंजूरी पत्र जारी किए गए, जिनमें से 16,125 मशीनें किसानों द्वारा खरीदी जा चुकी हैं। इसके अलावा, छोटे और सीमांत किसानों की सीआरएम मशीनों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 722 कस्टमर हायरिंग सेंटर (सीएचसी) स्थापित किए गए हैं।
इस वर्ष पराली जलाने से बचने वाले किसानों की प्रशंसा करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण को संरक्षित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है, क्योंकि पराली जलाने से न केवल वायु प्रदूषण होता है, बल्कि भूमि की उर्वरता भी घटती है।
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November 13, 2024
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