चीमा बोले—बातचीत से निकला रास्ता, लंबित मुद्दों पर कमेटी करेगी काम; विरोधियों के बयानों पर भी साधा निशाना
चीमा बोले—बातचीत से निकला रास्ता, लंबित मुद्दों पर कमेटी करेगी काम; विरोधियों के बयानों पर भी साधा निशाना
ख़बर ख़ास | चंडीगढ़
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि राज्यभर के शहरी स्थानीय निकायों—नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों—में कार्यरत सफाई कर्मचारियों ने सरकार के साथ सफल बातचीत के बाद अपनी हड़ताल वापस ले ली है। गुरुवार को यूनियन प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के बाद चीमा ने कहा कि यह फैसला आपसी सहमति और सकारात्मक संवाद का परिणाम है।
उन्होंने जानकारी दी कि कर्मचारियों की 35 सदस्यीय कमेटी के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस, वरिष्ठ अधिकारियों और उनके साथ बैठकर मांगों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान कई मुद्दों का समाधान मौके पर ही कर लिया गया, जबकि कुछ मामलों—खासकर कानूनी प्रक्रियाओं और चुनाव आचार संहिता से जुड़े विषयों—पर आगे विचार-विमर्श की जरूरत बताई गई।
चीमा ने कहा कि सरकार और यूनियन ने मिलकर एक नई कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है, जो सभी लंबित मांगों की समीक्षा कर व्यावहारिक और स्थायी समाधान तैयार करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शेष मुद्दों के समाधान के लिए एक महीने की समय-सीमा तय की गई है और सरकार इन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। यूनियनों ने भी सरकार को समय देने पर सहमति जताई है।
प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान को आईएसआई एजेंट कहे जाने के सवाल पर चीमा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे न सिर्फ मुख्यमंत्री बल्कि राज्य के तीन करोड़ लोगों और उनके जनादेश का अपमान बताया। साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों पर राजनीतिक लाभ के लिए बेबुनियाद आरोप लगाने का आरोप लगाया।
चीमा ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने का अधिकार है। उन्होंने असहमति की आवाजों को दबाने की कथित कोशिशों पर चिंता जताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा जरूरी है।
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