डाक्यूमेंटरी के नाम पर जताया ऐतराज, गैंगस्टरों को किया जा रहा ग्लोरीफाई, बोले वडिंग
डाक्यूमेंटरी के नाम पर जताया ऐतराज, गैंगस्टरों को किया जा रहा ग्लोरीफाई, बोले वडिंग
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब के विख्यात गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्याकांड में साजिशकर्ता गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन पर आधारित डाक्यूमेंटरी सीरीज 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' को लेकर विवाद पैदा हो गया है। इस डाक्यूमेंटरी के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने एक जनहित याचिका दायर की है। उन्होंने इस फिल्म के नाम पर आपत्ति जताई है और कहा है कि इससे गैंगस्टर को ग्लोरीफाई किया जा रहा है। इस मामले की शुक्रवार को सुनवाई हो सकती है।
इसके अलावा राजा वडिंग ने फिल्म की प्रोडक्शन कंपनी को भी मंगलवार को कानूनी नोटिस भेजा था। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा न तो सुर्खियों के लिए है और न ही राजनीति के लिए, बल्कि उन हर माताओं की आवाज है जो आज भी अपने बेटों का इंतजार कर रही हैं जो कभी वापस नहीं लौटे।
जी5 के ओटीटी प्लेटफार्म पर इसकी रिलीज तारीख 27 अप्रैल तय की गई है। लेकिन ट्रेलर रिलीज के बाद इसे लेकर पंजाब में राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। पंजाब कांग्रेस ने इस सीरीज को बैन करने की मांग की है, उनका कहना है कि इससे अपराधी का महिमामंडन हो सकता है।
दरअसल जो ट्रेलर रिलीज किया गया है उसमें बताया गया है कि 1989- 1980 के दौर में पंजाब ने मिलिटेंसी का काला समय देखा। उस समय हालात ऐसे थे कि हर किसी को यह चिंता नहीं थी कि घर में खाने को रोटी है या नहीं, बल्कि हथियार होना ज्यादा जरूरी समझा जाता था।
इसके बाद पत्रकारों से बातचीत दिखाई गई है, जिसमें पत्रकार बताते हैं कि पंजाब के गैंगस्टरों का कोई ठोस मकसद नहीं होता। शो-ऑफ, नाम और फेम ही उन्हें आकर्षित करते हैं। एक सीनियर पत्रकार बताते हैं कि पहले पंजाब का कल्चर ऐसा था जहां भगत सिंह जैसे लोग हीरो माने जाते थे। अब लारेंस बिश्नोई हीरो है।
ट्रेलर में दिखाया गया है कि लॉरेंस के शूटर ने सलमान खान के घर पर गोलियां चलाईं। कपिल शर्मा, गिप्पी गरेवाल और रोहित शेट्टी के यहां भी फायरिंग करवाई गई। इसके बाद जेल में बंद लॉरेंस को दिखाया गया है। सिद्धू मूसेवाला की हवेली के दृश्य भी नजर आते हैं, जिसके बाद हत्या से जुड़ी कहानी को दिखाया जाता है। इसमें सिद्धू के हत्यारों को हथियार लहराते का वीडियो भी शामिल है। इसमें गोल्डी बराड़ से जुड़ी स्क्रीन शॉट जैसी चीजें भी दिखाई गई हैं।
इसमें चंडीगढ़ के एक पुलिस अधिकारी का बयान हैं, जिसमें वो कहते हैं कि इस तरह की राह में सिर्फ नुकसान होता है। ऐसे लोग या तो पूरी जिंदगी जेल में रहते हैं या मारे जाते हैं। सूफी सिंगर हंसराज का भी इंटरव्यू है, जिसमें वे कहते हैं कि अच्छे को अच्छा और बुरे को बुरा ही मिलता है, लेकिन हम किसी की जिंदगी का किस्सा खत्म कर देते हैं।
‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन और पंजाब में अपराध की संस्कृति पर आधारित है। इस सीरीज का निर्देशन राघव डार ने किया है और इसमें लॉरेंस बिश्नोई की छात्र राजनीति से लेकर एक बड़े अपराधी बनने तक की यात्रा को दिखाया गया है।
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