नौ कैडिट भारतीय सशस्त्र सेनाओं में हुए कमीशन, पाँच ने NDA से की ग्रेजुएशन; एयर मार्शल टी.एस. रंधावा ने बढ़ाया हौसला
नौ कैडिट भारतीय सशस्त्र सेनाओं में हुए कमीशन, पाँच ने NDA से की ग्रेजुएशन; एयर मार्शल टी.एस. रंधावा ने बढ़ाया हौसला
ख़बर ख़ास | चंडीगढ़
पंजाब के प्रतिष्ठित महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट (एमआरएसएएफपीआई) ने एक बार फिर सशस्त्र सेनाओं के लिए उत्कृष्ट प्रतिभाएं तैयार करने की अपनी गौरवशाली परंपरा को कायम रखते हुए होनहार कैडिटों की उपलब्धियों का भव्य सम्मान किया। संस्थान परिसर में आयोजित ‘अचीवर्स अवार्ड’ समारोह के दौरान हाल ही में भारतीय सशस्त्र सेनाओं में कमीशन प्राप्त करने वाले नौ कैडिटों तथा नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए) से स्नातक हुए पाँच कैडिटों को सम्मानित किया गया।
इस गौरवपूर्ण समारोह की अध्यक्षता एनडीए के पूर्व कमांडेंट एवं एमआरएसएएफपीआई की गवर्निंग बॉडी के संस्थापक सदस्यों में शामिल एयर मार्शल टी.एस. रंधावा, पीवीएसएम, वीएम (सेवानिवृत्त) ने की। समारोह में संस्थान से जुड़े अधिकारी, पूर्व छात्र, अभिभावक और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में एयर मार्शल रंधावा ने सम्मानित कैडिटों को बधाई देते हुए कहा कि एमआरएसएएफपीआई में मिला अनुशासित प्रशिक्षण उनके सैन्य जीवन की मजबूत नींव साबित होगा। उन्होंने एनडीए से स्नातक हुए कैडिटों को आगामी प्रशिक्षण के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संस्थान की सफलता उसके समर्पित फैकल्टी और प्रशिक्षण प्रणाली का परिणाम है।
संस्थान के निदेशक मेजर जनरल अजय एच. चौहान, वीएसएम (सेवानिवृत्त) ने बताया कि अब तक संस्थान के 324 कैडिट एनडीए और अन्य सैन्य अकादमियों के लिए चयनित हो चुके हैं। इनमें से 196 कैडिट भारतीय सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त कर चुके हैं, जबकि 24 अन्य कैडिट अपने नियुक्ति पत्रों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एमआरएसएएफपीआई आज देश की सशस्त्र सेनाओं के लिए एक प्रमुख फीडर संस्थान के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।
गौरतलब है कि संस्थान का दो वर्षीय रेजिडेंशियल कार्यक्रम छात्रों को शैक्षणिक शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस, नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व विकास और एनडीए परीक्षा की विशेष तैयारी प्रदान करता है। हर वर्ष लगभग 4,000 अभ्यर्थी प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद केवल 48 छात्रों को ही मौका मिलता है।
अचीवर्स अवार्ड समारोह केवल उपलब्धियों का सम्मान नहीं था, बल्कि यह भविष्य के सैन्य अधिकारियों को उत्कृष्टता, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करने वाला एक यादगार अवसर भी साबित हुआ।
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