हूच त्रासदियों को रोकने और जहरीले केमिकल की ऑनलाइन बिक्री पर लगाम लगाने के लिए हरपाल चीमा ने उठाई राष्ट्रीय निगरानी व्यवस्था की मांग
हूच त्रासदियों को रोकने और जहरीले केमिकल की ऑनलाइन बिक्री पर लगाम लगाने के लिए हरपाल चीमा ने उठाई राष्ट्रीय निगरानी व्यवस्था की मांग
ख़बर ख़ास | चंडीगढ़
पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने देशभर में जहरीली शराब से होने वाली मौतों पर गंभीर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से मेथनॉल (मिथाइल अल्कोहल) के उत्पादन, परिवहन, बिक्री और उपयोग को नियंत्रित करने के लिए तत्काल सख्त केंद्रीय कानून बनाने की मांग की है। बुधवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए चीमा ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा और भविष्य में होने वाली हूच त्रासदियों को रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था बेहद जरूरी है।
चीमा ने बताया कि भारत में उपयोग होने वाले लगभग 90 प्रतिशत मेथनॉल का आयात विदेशों से किया जाता है। देश के विभिन्न बंदरगाहों पर पहुंचने के बाद यह रसायन कई राज्यों की सीमाओं से गुजरते हुए औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचता है। ऐसे में किसी एक राज्य के लिए इसकी पूरी सप्लाई चेन पर निगरानी रखना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यह विषय संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची-1 की एंट्री-41 के अंतर्गत आता है, इसलिए इसके लिए केंद्र सरकार की सीधी भूमिका आवश्यक है।
उन्होंने मेथनॉल की ऑनलाइन उपलब्धता को भी गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि यह जहरीला रसायन कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बिना किसी पहचान सत्यापन या उद्देश्य की जांच के आसानी से खरीदा जा सकता है। इससे इसके अवैध इस्तेमाल और जहरीली शराब बनाने में दुरुपयोग की आशंका बढ़ जाती है। चीमा ने कहा कि ऑनलाइन बिक्री पर नियंत्रण केवल केंद्रीय कानून के माध्यम से ही संभव है।
मंत्री ने कहा कि वर्तमान में मेथनॉल से जुड़े नियम कई पुराने कानूनों में बिखरे हुए हैं, लेकिन इनमें से कोई भी कानून इसकी ट्रैकिंग, खरीदार पंजीकरण या अंतरराज्यीय निगरानी के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं करता। बढ़ते उत्पादन और औद्योगिक उपयोग को देखते हुए अब आधुनिक और तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली की आवश्यकता है।
पंजाब सरकार ने केंद्र को भेजे अपने 5 सूत्रीय प्रस्ताव में मेथनॉल पर अलग केंद्रीय कानून, राष्ट्रीय ट्रैकिंग सिस्टम, अनधिकृत ऑनलाइन बिक्री पर प्रतिबंध, अवैध शराब में उपयोग पर कड़ी सजा और सभी राज्यों के आबकारी मंत्रियों की आपात बैठक बुलाने की मांग की है। चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य स्तर पर भी सख्त कार्रवाई, बेहतर निगरानी और विभिन्न विभागों के समन्वय के माध्यम से इस चुनौती से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
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