प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन: दस्ती और मशीन औजार, बिजली उपकरण सत्र औजार निर्माण क्षेत्र में पंजाब की उत्पादकता, गुणवत्ता बढ़ाने और लागत घटाने पर जोर
प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन: दस्ती और मशीन औजार, बिजली उपकरण सत्र औजार निर्माण क्षेत्र में पंजाब की उत्पादकता, गुणवत्ता बढ़ाने और लागत घटाने पर जोर
खबर खास, चंडीगढ़/मोहाली :
पंजाब के राजस्व, पुनर्वास, आपदा प्रबंधन, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता, आवास तथा शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने आज प्लाक्षा यूनिवर्सिटी में आयोजित प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन के दौरान “दस्ती और मशीन औजार, बिजली उपकरण” विषय पर हुए सत्र में भाग लेते हुए औजार निर्माण क्षेत्र में उत्पादकता, गुणवत्ता और लागत नियंत्रण बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों, विशेषज्ञों और पैनल सदस्यों का धन्यवाद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी सोच की प्रशंसा की, जिन्होंने औद्योगिक विकास को नई दिशा दी है। उन्होंने संवाद का मंच उपलब्ध करवाने के लिए इस सम्मेलन का आयोजन करने वाले उद्योग विभाग की भी सराहना की।
उन्होंने कहा कि दस्ती औजार, मशीन औजार तथा बिजली उपकरण क्षेत्र भारत के विनिर्माण अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ है, जो ऑटोमोटिव, निर्माण तथा आधारभूत ढांचा क्षेत्रों को समर्थन देता है। उन्होंने बताया कि पंजाब जालंधर और लुधियाना के औद्योगिक क्लस्टरों के माध्यम से भारत के लगभग 80 प्रतिशत दस्ती औजार निर्यात में योगदान देता है, जहां करीब 1200 औद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं और राज्य के औद्योगिक माहौल को मजबूत बना रही हैं।
उन्होंने कहा कि घड़ना, मशीनिंग, हीट ट्रीटमेंट और प्रिसिजन इंजीनियरिंग में पंजाब की विशेषज्ञता, मंडी गोबिंदगढ़ का स्टील क्लस्टर, कुशल मानव संसाधन और मजबूत एमएसएमई नेटवर्क इस क्षेत्र की मजबूत नींव रखते हैं। उन्होंने वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए ऑटोमेशन, सीएनसी मशीनिंग, डिजिटल मॉनिटरिंग और इंडस्ट्री 4.0 समाधानों जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब सरकार की सहायक नीतियां उद्योगों को तकनीकी रूप से प्रोत्साहित करने, वैश्विक बाजारों में विस्तार करने तथा युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने में सहायक होंगी। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से मिलकर पंजाब को औजार निर्माण में विश्व स्तर का केंद्र बनाने की अपील की।
डायरेक्टर (तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण) मनीष कुमार ने उद्योग और अकादमिक संस्थाओं के बीच सहयोग की महत्वपूर्णता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि कौशल आधारित प्रशिक्षण, इंटर्नशिप तथा तकनीकी संस्थाओं में रोबोटिक्स और सीएनसी सिस्टम सहित आधुनिक मशीनरी की शुरुआत से युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी।
इस अवसर पर उद्योग प्रतिनिधि अश्वनी कुमार, बिन्नी गुप्ता तथा मेजर सिंह ने भी नवाचार, लागत घटाने, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा अन्य बिंदुओं को अपनाकर विनिर्माण प्रदर्शन बढ़ाने के बारे में अपने विचार साझा किए।
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