लगातार पोडियम फिनिश से मजबूत ग्रासरूट सिस्टम और उभरती प्रतिभा का प्रदर्शन
लगातार पोडियम फिनिश से मजबूत ग्रासरूट सिस्टम और उभरती प्रतिभा का प्रदर्शन
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पंजाब और ओडिशा ने एक बार फिर भारतीय घरेलू हॉकी में अपनी ताकत साबित करते हुए हॉकी इंडिया सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप 2026 में कांस्य पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। हॉकी पंजाब ने पुरुष वर्ग में पोडियम फिनिश हासिल की, जबकि हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा ने महिला वर्ग में तीसरा स्थान प्राप्त कर अपनी निरंतरता बनाए रखी।
यह सफलता केवल एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों राज्यों की मजबूत खेल संरचना और लगातार बेहतरीन प्रदर्शन का परिणाम है। हॉकी पंजाब ने अब तक विभिन्न प्रतियोगिताओं में कुल 33 पदक (14 स्वर्ण, 6 रजत और 13 कांस्य) जीते हैं। खासकर पुरुष टीमों ने इसमें अहम भूमिका निभाई है, जिन्होंने सीनियर और जूनियर स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया है।
सीनियर पुरुष टीम ने हाल ही में हॉकी इंडिया सीनियर पुरुष राष्ट्रीय चैम्पियनशिप 2025 का खिताब जीतकर अपनी ताकत का परिचय दिया। हरमनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह और जुगराज सिंह जैसे खिलाड़ी भारतीय टीम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, वहीं मनमीत सिंह और अर्शदीप सिंह जैसे युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
वहीं, हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में संतुलित और मजबूत सिस्टम तैयार किया है। ओडिशा के नाम कुल 26 पदक (11 स्वर्ण, 7 रजत और 8 कांस्य) हैं। यहां का ग्रासरूट विकास, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और हॉकी के प्रति गहरा जुड़ाव इसकी सफलता की नींव है। अमित रोहिदास जैसे अनुभवी खिलाड़ी और अमनदीप लाकड़ा जैसे युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ी इस सिस्टम की ताकत को दर्शाते हैं।
महिला हॉकी में भी ओडिशा तेजी से उभर रहा है, जहां सुनेलिटा टोप्पो और अजमिना कुजूर जैसी खिलाड़ी अपनी प्रतिभा से प्रभावित कर रही हैं। भुवनेश्वर और राउरकेला जैसे विश्वस्तरीय स्टेडियम और लगातार निवेश के साथ पंजाब और ओडिशा भारतीय हॉकी के भविष्य के मजबूत स्तंभ बने हुए हैं।
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