युवाओं के रोजगारोन्मुख कौशल विकास कि दिशा में बडी पहल सीयू पंजाब में कंप्यूटर, अकाउंटिंग, इलेक्ट्रिकल, कारपेंट्री और हेल्थकेयर से जुड़े एनसीवीईटी अनुमोदित छह रोजगारोन्मुख कौशल पाठ्यक्रम शुरू
युवाओं के रोजगारोन्मुख कौशल विकास कि दिशा में बडी पहल सीयू पंजाब में कंप्यूटर, अकाउंटिंग, इलेक्ट्रिकल, कारपेंट्री और हेल्थकेयर से जुड़े एनसीवीईटी अनुमोदित छह रोजगारोन्मुख कौशल पाठ्यक्रम शुरू
खबर खास, बठिंडा :
युवाओं में कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयू पंजाब), बठिंडा ने राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप छह नए कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। इन पाठ्यक्रमों को कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) द्वारा अनुमोदित किया गया है।
यह पहल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राघवेंद्र प्रसाद तिवारी के दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल से सुसज्जित करना और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित “आत्मनिर्भर भारत” और “विकसित भारत” के राष्ट्रीय विज़न को साकार करने में योगदान देना है। इससे पहले विश्वविद्यालय को एनसीवीईटी द्वारा “डीम्ड अवार्डिंग बॉडी – ड्यूल स्टेटस” प्रदान किया गया था, जिसके अंतर्गत विश्वविद्यालय कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने, मूल्यांकन करने और सफल अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र प्रदान करने के लिए अधिकृत है।
विश्वविद्यालय ने परिसर में छह नए कौशल विकास पाठ्यक्रमों की शुरुआत की घोषणा की है, जिनकी कक्षाएं अप्रैल 2026 से आरंभ होंगी। इन पाठ्यक्रमों में फंडामेंटल्स ऑफ कंप्यूटर्स (120 घंटे), इंट्रोडक्शन टू टैली ऑपरेशंस एंड जीएसटी कैलकुलेशंस (120 घंटे), बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट फॉर नर्सिंग एंड पैरामेडिकल स्टाफ (30 घंटे), असिस्टेंट कारपेंटर (40 घंटे), हेल्पर इलेक्ट्रीशियन (270 घंटे) तथा एसेंशियल्स ऑफ रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग (15 घंटे) शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.cup.edu.in के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
कुलपति प्रो. राघवेंद्र प्रसाद तिवारी ने कहा कि इन पाठ्यक्रमों की शुरुआत विश्वविद्यालय की कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योग से संबंधित दक्षताएं प्रदान की जाएंगी, जिससे वे रोजगार प्राप्त करने या स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठाने में सक्षम बनेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि सभी छह पाठ्यक्रम अत्यंत नाममात्र शुल्क पर उपलब्ध होंगे, ताकि अधिक से अधिक इच्छुक युवा इसका लाभ उठा सकें।
कुलसचिव डॉ. विजय शर्मा ने बताया कि ये पाठ्यक्रम उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण और अनुभव प्रदान करके युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाने के लिए तैयार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के वे युवा लाभान्वित होंगे जिनकी आयु 15 वर्ष या उससे अधिक है और जिन्होंने आठवीं, दसवीं या बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण की है तथा वर्तमान में बेरोजगार हैं।
पंजाब केन्द्रीय विश्वविद्यालय एक प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान है, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध में उत्कृष्टता के लिए जाना जाता है। विश्वविद्यालय मानविकी, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, विधि, प्रबंधन और कंप्यूटर विज्ञान सहित विभिन्न विषयों में स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट स्तर पर 100 से अधिक शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित करता है।
इन एनसीवीईटी अनुमोदित कौशल विकास कार्यक्रमों की शुरुआत विश्वविद्यालय के कौशल विकास, उद्यमिता और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस पहल के माध्यम से सीयू पंजाब युवाओं को व्यावहारिक दक्षताओं से सशक्त बनाते हुए एक कुशल, आत्मनिर्भर और सक्षम कार्यबल के निर्माण के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
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