फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गंभीर यौन उत्पीड़न का दोषी ठहराया; ₹10,000 का जुर्माना भी लगाया
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गंभीर यौन उत्पीड़न का दोषी ठहराया; ₹10,000 का जुर्माना भी लगाया
खबर खास | शिमला
एक महत्वपूर्ण फैसले में, शिमला की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (रेप/POCSO मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट) ने एक स्कूल लेक्चरर को बच्चों के यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (POCSO) के तहत यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले में छह साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
यह मामला 1 नवंबर 2024 को सुन्नी पुलिस स्टेशन में एफआईआर नंबर 50/2024 के तहत दर्ज किया गया था, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) के प्रावधानों के साथ POCSO अधिनियम की धारा 10 (गंभीर यौन उत्पीड़न) लागू की गई थी।
आरोपी की पहचान जय प्रकाश (46) उर्फ जेपी के रूप में हुई है, जो सुन्नी के करयाली गांव का निवासी है। अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए छह साल के कठोर कारावास के साथ ₹10,000 का जुर्माना भी लगाया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी तरह कानूनी और व्यवस्थित तरीके से की गई, जिसमें सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर अदालत में पेश किए गए। प्रभावी अभियोजन ने दोषसिद्धि सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अधिकारियों ने यह भी जोर दिया कि पूरे कानूनी प्रक्रिया के दौरान पीड़ित की पहचान और गरिमा की सख्ती से रक्षा की गई।
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