शिक्षा, सशक्तिकरण और सामुदायिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम
प्रो. बराड़ ने पंजाबी और हिंदी के साझा भाषाई स्रोतों पर विशेष व्याख्यान दिया विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी मातृभाषाओं में प्रस्तुतियां दीं
अपने संबोधन में राज्यपाल ने साहित्य की समाज निर्माण में महत्ता पर बल देते हुए युवाओं को गुणवत्तापूर्ण साहित्य सृजन के लिए प्रेरित किया