इंस्पेक्टर ओपी राणा के दफ्तर को सील करने के बाद सीबीआई अधिकारियों ने कर्मचारियों की आवाजाही पर रखी नजर; जांच के दौरान अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जब्त।
इंस्पेक्टर ओपी राणा के दफ्तर को सील करने के बाद सीबीआई अधिकारियों ने कर्मचारियों की आवाजाही पर रखी नजर; जांच के दौरान अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जब्त।
खबर खास | मोहाली
मंगलवार सुबह मोहाली स्थित पंजाब विजिलेंस ब्यूरो मुख्यालय में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की कार्रवाई का असर साफ दिखाई दिया। कथित ₹25 लाख रिश्वत मामले में सीबीआई ने इंस्पेक्टर ओपी राणा के दफ्तर को सील कर दिया, जिसके बाद मुख्यालय के एक हिस्से में सामान्य कामकाज प्रभावित रहा।
दफ्तर पहुंचने वाले कई कर्मचारियों को संबंधित सेक्शन में प्रवेश करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा, क्योंकि सोमवार देर रात राणा से जुड़े कार्यालय परिसर को सील कर दिया गया था। सीबीआई अधिकारी मुख्यालय के अंदर और बाहर तैनात रहे तथा अधिकारियों और कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखते रहे।
अधिकारियों के अनुसार, सीबीआई टीम देर रात विजिलेंस मुख्यालय पहुंची और इंस्पेक्टर ओपी राणा के कार्यालय को सील कर दिया। राणा विजिलेंस प्रमुख के रीडर के रूप में तैनात बताए जा रहे हैं। उन पर चंडीगढ़ के सेक्टर-35 स्थित एक होटल में हुए कथित ₹25 लाख रिश्वत सौदे में शामिल होने का आरोप है।
इसी मामले में सीबीआई ने मलोट निवासी कथित बिचौलिए राघव गोयल को मौके से गिरफ्तार किया था, जबकि इंस्पेक्टर ओपी राणा फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
मंगलवार सुबह जब कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंचे तो जांच से जुड़े रिकॉर्ड रूम और कार्यालयों तक पहुंच प्रभावित होने के कारण मुख्यालय के एक हिस्से में नियमित कामकाज बाधित रहा।
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई टीम रातभर चली कार्रवाई के दौरान कई दस्तावेज, मोबाइल फोन और अन्य रिकॉर्ड भी अपने साथ ले गई।
एजेंसी की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित रिश्वत सौदा एक प्रॉपर्टी विवाद और विजिलेंस जांच को निपटाने से जुड़ा था। शिकायतकर्ता कथित तौर पर तय रिश्वत राशि लेकर होटल पहुंचा था, लेकिन उसके पास से केवल ₹13 लाख नकद बरामद हुए।
सीबीआई पहले से ही बातचीत की निगरानी कर रही थी। बातचीत रिकॉर्ड करने के बाद एजेंसी ने जाल बिछाकर यह कार्रवाई की।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
Comments 0