राजनीतिक उथल-पुथल के बीच जालंधर में सिसोदिया ने विधायकों को किया एकजुट, बीजेपी पर साधा निशाना और जमीनी मजबूती पर दिया जोर
राजनीतिक उथल-पुथल के बीच जालंधर में सिसोदिया ने विधायकों को किया एकजुट, बीजेपी पर साधा निशाना और जमीनी मजबूती पर दिया जोर
खबर खास | जालंधर
आम आदमी पार्टी (AAP) इस समय अपने सबसे चुनौतीपूर्ण राजनीतिक दौर से गुजर रही है। सात राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की खबरों के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और पार्टी प्रभारी मनीष सिसोदिया ने हालात की कमान सीधे अपने हाथ में ले ली है।
विधायकों में संभावित टूट को रोकने के लिए मनीष सिसोदिया ने बुधवार को जालंधर के शाहपुर स्थित सिटी कैंपस में एक अहम बैठक बुलाई। इस बैठक में 25 से अधिक विधायक और मंत्री शामिल हुए और यह करीब साढ़े तीन घंटे तक चली। हालांकि, निर्धारित प्रेस कॉन्फ्रेंस बाद में रद्द कर दी गई और सिसोदिया बिना मीडिया से बातचीत किए ही रवाना हो गए।
जाने से पहले सिसोदिया ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए उसे “गद्दारों से भरी पार्टी” बताया और लोगों से उसकी बातों से प्रभावित न होने की अपील की। उन्होंने कहा कि AAP के विधायक किसी पार्टी से नहीं, बल्कि उन लोगों से जुड़े हैं जिन्होंने उन्हें चुना है और वे जनता के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के प्रतिनिधि पिछले चार साल से काम कर रहे हैं और आगे भी एक साल तक काम जारी रखेंगे, जिसके बाद वे दोबारा जनादेश मांगेंगे।
सिसोदिया ने कहा कि AAP कार्यकर्ता पहले से ही काफी प्रेरित हैं और वे किसी नेता पर निर्भर नहीं हैं। उनके अनुसार, उनकी प्रेरणा सरकार के कामकाज से आती है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे काम किए हैं, जो पिछली सरकारें 75–80 वर्षों में भी नहीं कर पाईं।
उन्होंने बताया कि हर 15 गांव या वार्ड में ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं, जो स्वयंसेवकों के संपर्क में रहते हैं, उनकी समस्याएं समझते हैं और नेतृत्व तक पहुंचाते हैं। उनके मुताबिक, हर 3–4 महीने में बैठकें आयोजित की जाती हैं और इस बैठक में भी करीब 2.5 लाख स्वयंसेवकों से बातचीत करने वाले ऑब्जर्वर्स की रिपोर्ट पर चर्चा हुई।
बीजेपी पर एक और हमला करते हुए सिसोदिया ने आरोप लगाया कि पार्टी विभाजनकारी राजनीति करती है और ईडी व सीबीआई जैसी एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल करती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बीजेपी ने देश में अस्पताल, स्कूल या रोजगार और व्यापार के अवसरों में उल्लेखनीय सुधार किया है।
हालांकि, बैठक को आधिकारिक तौर पर 1,000 ब्लॉक ऑब्जर्वर्स की बैठक बताया गया, लेकिन कई विधायकों की मौजूदगी से इसके एजेंडे को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही। कुछ लोगों ने इसे नियमित बैठक बताया, जबकि अन्य ने इसे विशेष सत्र या आगामी नगर निगम चुनावों से जोड़कर देखा।
शुरुआत में बैठक मुख्यमंत्री आवास पर होने वाली थी, लेकिन बाद में इसे शाहपुर सिटी कैंपस में स्थानांतरित कर दिया गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में भाग लिया। बैठक शुरू होने से पहले विधायकों और ऑब्जर्वर्स ने आपसी तालमेल और एकजुटता बढ़ाने के लिए रस्साकशी जैसे अनौपचारिक खेलों में भी हिस्सा लिया।
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