मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से जारी किए आदेश।
मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से जारी किए आदेश।
खबर खास, शिमला :
हिमाचल सरकार ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इस बाबत प्रदेश के मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनाव के चलते यह फैसला लिया है। इसका सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों व बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों को सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
उन्होंने इस मामले में उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की भी चेतावनी दे डाली। कार्मिक विभाग से जारी निर्देशों के अनुसार, प्रदेश में इस समय चुनाव संबंधी गतिविधियां चल रही हैं। इस दौरान तबादलों से कार्य व्यवस्था बाधित हो सकती है। हालांकि विशेष परिस्थितियों में कुछ मामलों में तबादलों की अनुमति दी जा सकती है। लेकिन उस सूरत में राज्य चुनाव आयोग की स्वीकृति भी लेना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही कार्यालय प्रमुखों को भी निर्देश दिए गए हैं कि बिना अनुमति किसी भी कर्मचारी को कार्यमुक्त न किया जाए, अन्यथा उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।
गौर रहे कि इससे पहले प्रदेश सरकार ने गौरतलब है कि सरकार ने 13 जनवरी 2026 को क्लास सी और डी कर्मचारियों के तबादलों पर लगी रोक को 31 मार्च 2026 तक के लिए हटाया गया था (इनमें शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के शिक्षण काडर शामिल नहीं हैं।) अब बदली परिस्थितियों को देखते हुए दोबारा पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है।
चुनाव ड्यूटी के दौरान तबादले पर हाईकोर्ट की रोक
वहीं, हिमाचल हाईकोर्ट ने कर्मचारियों के स्थानांतरण पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का तबादला राज्य निर्वाचन आयोग की अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता। एक याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता के 31 मार्च के तबादला आदेश को तब तक प्रभावी नहीं किया जाएगा जब तक उनकी चुनाव ड्यूटी समाप्त नहीं हो जाती। निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस आदेश को लागू किया जा सकेगा। याचिकाकर्ता बूथ लेवल ऑफिसर के रूप में चुनाव ड्यूटी पर तैनात है। स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर तबादलों पर लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद विभाग ने उनका स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया था, जिसे कोर्ट ने नियमों के विरुद्ध माना। उच्च पाठशाला जनोटी में शास्त्री पद पर तैनात बीना देवी ने अपने स्थानांतरण आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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