बिना चर्चा मेयर ने प्रस्ताव लौटाया, विपक्ष ने जताया विरोध; पानी की गुणवत्ता का मुद्दा भी गरमाया
बिना चर्चा मेयर ने प्रस्ताव लौटाया, विपक्ष ने जताया विरोध; पानी की गुणवत्ता का मुद्दा भी गरमाया
खबर खास । चंडीगढ़
शहर में पार्किंग शुल्क फिलहाल नहीं बढ़ेगा। सोमवार को हुई नगर निगम हाउस की बैठक में स्मार्ट पार्किंग सिस्टम के तहत प्रति घंटे के हिसाब से पार्किंग शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव बिना किसी चर्चा के ही खारिज कर दिया गया।
बैठक के दौरान विपक्षी पार्षदों ने प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की मांग की, लेकिन मेयर सौरभ जोशी ने चर्चा की अनुमति दिए बिना ही इसे अस्वीकार कर दिया। इसके बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मेयर जनता पर पार्किंग शुल्क बढ़ाने का प्रयास कर रहे थे।
हालांकि मेयर सौरभ जोशी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव भाजपा का नहीं, बल्कि नगर निगम के अधिकारियों द्वारा तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि भाजपा कभी भी जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने के पक्ष में नहीं रही है।
हालांकि प्रस्ताव हाउस से खारिज हो गया है, लेकिन नगर निगम आयुक्त को इस पर आपत्ति दर्ज कर इसे आगे विचार के लिए चंडीगढ़ प्रशासन को भेजने का अधिकार प्राप्त है।
नगर निगम चुनाव नजदीक होने के कारण इस प्रस्ताव के पारित होने की संभावना पहले से ही कम मानी जा रही थी। राजनीतिक दल जनता की नाराजगी से बचने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाने के पक्ष में नहीं थे। भाजपा ने भी इस प्रस्ताव से दूरी बना ली, जबकि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने खुलकर इसका विरोध किया।
यह दूसरी बार है जब पार्किंग शुल्क बढ़ाने से जुड़ा प्रस्ताव निगम हाउस में असफल रहा है। इससे पहले पिछले वर्ष भी 220 मुफ्त पार्किंग स्थलों को सशुल्क पार्किंग में बदलने का प्रस्ताव सभी दलों के विरोध के चलते खारिज कर दिया गया था।
यदि यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता तो नगर निगम शहर की पेड पार्किंग व्यवस्था के संचालन और प्रबंधन के लिए लगभग 22 करोड़ रुपये का वार्षिक रिजर्व प्राइस तय करता। सबसे अधिक बोली लगाने वाली कंपनी को इसका ठेका दिया जाना था। अधिकारियों के अनुसार यदि बोली रिजर्व प्राइस से अधिक जाती तो यह नगर निगम के इतिहास में पार्किंग से होने वाली सबसे अधिक वार्षिक आय होती। अब तक निगम को पार्किंग ठेकों से सालाना 10 करोड़ रुपये की आय भी नहीं हुई है।
बैठक के प्रश्नकाल के दौरान शहर में पेयजल की गुणवत्ता का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठा। सेक्टर-40 की पार्षद गुरबक्श रावत ने अपने वार्ड में दूषित पानी की आपूर्ति का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि दूषित पानी पीने से एक महिला की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बाद में उसकी मौत हो गई।
पार्षद ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मामले की गंभीर जांच कराने और वार्ड में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
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