कहा, प्रदेश के युवाओं को स्टार्टअप अवसरों का पूरा लाभ करें सुनिश्चित स्टार्टअप में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने की तैयारी
कहा, प्रदेश के युवाओं को स्टार्टअप अवसरों का पूरा लाभ करें सुनिश्चित स्टार्टअप में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने की तैयारी
खबर खास, चंडीगढ़ :
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि युवाओं में उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देने और नए उद्यमियों के सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य के सभी जिलों में उद्यमिता एवं संकाय विकास कार्यक्रम संचालित किए जाने चाहिए।
उन्होंने जिलों में उद्यमिता एवं संकाय विकास कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए ताकि युवा स्टार्टअप नीति के तहत सृजित किए जा रहे अवसरों का लाभ उठा सकें।
मुख्यमंत्री, जो बुधवार देर सांय हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति के अंतर्गत इनक्यूबेटर योजनाओं पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे, ने कहा कि उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और अधिक से अधिक युवाओं को नवाचार-संचालित उद्यमों को अपनाने के लिए प्रेरित करने हेतु स्टार्टअप्स को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
सैनी ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने संकल्प पत्र में स्टार्टअप्स में महिलाओं की भागीदारी को 60 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने इस लक्ष्य को जल्द से जल्द प्राप्त करने के लिए प्रयास बढ़ने के भी निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि हरियाणा में महिलाओं द्वारा संचालित स्टार्टअप्स की वर्तमान हिस्सेदारी 50 प्रतिशत है और जल्द ही इसे बढाकर 60 प्रतिशत किया जायेगा।
यह भी बताया गया कि हरियाणा स्टार्टअप्स के मामले में सातवाँ सबसे बड़ा राज्य है, जहाँ 9,100 से ज़्यादा स्टार्टअप्स DPIIT-पंजीकृत हैं। देश के 117 यूनिकॉर्न में से 19 हरियाणा से हैं, जो राज्य की बढ़ती उद्यमशीलता शक्ति को दर्शाता है। राज्य सरकार ने नए इन्क्यूबेशन सेंटर्स की स्थापना के लिए योजनाओं को स्वीकृति दे दी है, जिसकी अधिसूचना जल्द ही जारी की जाएगी। ये केंद्र विभिन्न योजनाओं और पहलों के माध्यम से स्टार्टअप्स को सहायता प्रदान करेंगे।
बैठक में जानकारी दी गई कि हरियाणा ने एक जीवंत इनक्यूबेटर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया है जो कृषि प्रौद्योगिकी, आईटी, आईओटी और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देता है। इनक्यूबेटरस की प्रमुख गतिविधियों में उत्पादों का प्रदर्शन, संभावित उद्यमियों के लिए बूटकैंप का आयोजन, अग्रणी उद्यमियों के साथ नेटवर्किंग, नवोदित निवेशकों के लिए पिचिंग सत्र, सफलता की कहानियाँ प्रस्तुत करना और अनुभवी संस्थापकों और पेशेवरों के साथ परामर्श कार्यक्रम शामिल हैं।
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