विवाद के बीच विधायक रमन अरोड़ा ने लौटाई सुरक्षा; आयोजकों का ऐलान—हर हाल में होगा कार्यक्रम
विवाद के बीच विधायक रमन अरोड़ा ने लौटाई सुरक्षा; आयोजकों का ऐलान—हर हाल में होगा कार्यक्रम
खबर खास | जालंधर
जालंधर में आगामी “बालाजी की चौकी” धार्मिक कार्यक्रम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह कार्यक्रम श्री कष्ट निवारण बालाजी मंदिर कमेटी द्वारा आयोजित किया जा रहा था।
बुधवार रात पुलिस ने साईं दास स्कूल ग्राउंड में चल रहे सजावट, टेंट और लाइटिंग के काम को रोक दिया, जहां कार्यक्रम आयोजित होना था। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल के शामिल होने की घोषणा की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह था।
जैसे ही पुलिस कार्रवाई की खबर फैली, बीजेपी नेता शीतल अंगुराल, केडी भंडारी, पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया, कांग्रेस शहरी अध्यक्ष राजिंदर बेरी और मंदिर कमेटी के सदस्य मौके पर पहुंच गए। समर्थकों ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया और शीतल अंगुराल ने आरोप लगाया कि हिंदू धार्मिक कार्यक्रम को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, जो आस्था और भावनाओं के साथ अन्याय है।
वहीं, बढ़ते विवाद के बीच विधायक रमन अरोड़ा ने विरोध स्वरूप अपनी सरकारी सुरक्षा वापस करने की घोषणा कर दी। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कार्यक्रम को रोकने के फैसले को गलत बताया, जिससे जालंधर का सियासी माहौल और गरमा गया।
बीजेपी नेताओं का दावा है कि फायर ब्रिगेड, बिजली विभाग और नगर निगम से सभी जरूरी मंजूरियां पहले ही ली जा चुकी हैं। वहीं, बीजेपी नेता केडी भंडारी ने आरोप लगाया कि पुलिस कमिश्नर ने भजन गायक कन्हैया मित्तल के खिलाफ दर्ज एक मामले का हवाला देते हुए आपत्ति जताई है।
मंदिर कमेटी ने साफ कर दिया है कि कार्यक्रम किसी भी हालत में रद्द नहीं किया जाएगा। कमेटी सदस्यों का कहना है कि यदि ग्राउंड में अनुमति नहीं मिली, तो श्रद्धालु सड़क पर बैठकर बालाजी महाराज का कीर्तन करेंगे।
गुरुवार सुबह बीजेपी नेताओं, मंदिर कमेटी और स्थानीय लोगों ने साईं दास स्कूल ग्राउंड के बाहर धरना शुरू कर दिया। तनावपूर्ण माहौल के बीच एक बार फिर सजावट का काम शुरू हो गया और कन्हैया मित्तल के बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए। आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम शाम 6:30 बजे तय समय पर ही होगा।
वहीं, एडीसीपी-1 अकरशी जैन ने कहा कि तैयारियां इसलिए रोकी गईं क्योंकि आयोजकों के पास कार्यक्रम की आधिकारिक अनुमति नहीं थी। एक एसीपी स्तर के अधिकारी ने भी बताया कि विधायक रमन अरोड़ा से पिछले दो दिनों से अनुमति पत्र मांगा जा रहा था, लेकिन वे आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं कर पाए।
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