औद्योगिक विकास और पर्यावरण सुरक्षा में संतुलन के लिए नवाचार, रीसाइक्लिंग और पर्यावरण-मित्र समाधान बेहद महत्वपूर्ण: डॉ. बलजीत कौर औद्योगिक–शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से विशेष रसायन क्षेत्र में केंद्र के रूप में उभर रहा है पंजाब
औद्योगिक विकास और पर्यावरण सुरक्षा में संतुलन के लिए नवाचार, रीसाइक्लिंग और पर्यावरण-मित्र समाधान बेहद महत्वपूर्ण: डॉ. बलजीत कौर औद्योगिक–शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से विशेष रसायन क्षेत्र में केंद्र के रूप में उभर रहा है पंजाब
खबर खास, चंडीगढ़/ एसएएस नगर :
प्रोग्रेसिव पंजाब निवेश सम्मेलन 2026 के दौरान पंजाब सरकार ने प्लास्टिक और विशेष रसायन जैसे उभरते क्षेत्रों में सतत औद्योगिक विकास, नवाचार और वैश्विक निवेश को प्रोत्साहित करने के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता को उजागर किया।
सत्र को संबोधित करते हुए सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक, सामाजिक सुरक्षा, महिला और बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि प्लास्टिक और रसायन उत्पाद आधुनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं, जो स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, घरेलू उपयोग और उद्योग सहित कई क्षेत्रों का समर्थन प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों ने हाथों से होने वाली मेहनत को कम करने और दैनिक जीवन में दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
डॉ. बलजीत कौर ने आगे कहा कि प्लास्टिक और रसायन क्षेत्र में बढ़ते निवेश से युवाओं के लिए बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और यह लोगों के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी मजबूती देगा।
जिम्मेदार उपयोग पर जोर देते हुए मंत्री ने उद्योगों और शोध विशेषज्ञों से अपील की कि वे सतत उत्पादन प्रणालियों, आधुनिक रीसाइक्लिंग तकनीकों और पर्यावरण-मित्र विकल्पों पर ध्यान केंद्रित करें, ताकि औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ भविष्य की पीढ़ियों के लिए पर्यावरण सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।
राज्य की औद्योगिक क्षमता पर प्रकाश डालते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब में विशेष रसायन, प्लास्टिक रीसाइक्लिंग और प्लास्टिक कचरे को उच्च मूल्य वाले निर्यात योग्य उत्पादों में बदलने के लिए निवेश की बड़ी संभावनाएँ मौजूद हैं। उन्होंने उद्योगपतियों और नवप्रवर्तकों को वैज्ञानिक शोध को पंजाब की नव चेतना और जुगाड़ू सोच के साथ जोड़कर पर्यावरण-मित्र समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब सरकार औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने और लुधियाना और मोहाली जैसे शहरों में औद्योगिक हब विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे अनुसंधान, नवाचार और सतत उत्पादन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो रहा है।
प्रियांक भारती , आई.ए.एस., सचिव, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण, वन और वन्यजीव संरक्षण, पंजाब ने कहा कि मजबूत औद्योगिक क्लस्टर, निर्यात-केंद्रित इकाइयाँ और प्रगतिशील नीतियाँ पंजाब को प्लास्टिक और रसायन निर्माण का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पर्यावरण मानकों का सख्ती से पालन करते हुए विशेष रसायन, पर्यावरण-मित्र सामग्री और सतत प्लास्टिक समाधान में निवेश को प्रोत्साहित कर रही है।
सागर कोशिक, प्रधान (ग्लोबल कॉर्पोरेट और इंडस्ट्री अफेयर्स), यूपीएल लिमिटेड ने रसायन क्षेत्र की बड़ी विकास संभावना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत का वैश्विक रसायन उत्पादन में हिस्सा लगभग 3–3.5 प्रतिशत है, जो आने वाले वर्षों में 12–13 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि यूपीएल के कुल उत्पादन में 93 प्रतिशत निर्यात होता है जबकि 7 प्रतिशत घरेलू बाजार के लिए है, जो भारतीय निर्माण के लिए वैश्विक अवसर दर्शाता है।
अभि बंसल, मैनेजिंग डायरेक्टर, सरस्वती एग्रो केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड ने कहा कि पंजाब में साधारण रसायन से उच्च मूल्य वाले विशेष रसायन में परिवर्तन के लिए बड़ी संभावनाएँ हैं। उन्होंने उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और सरकार के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे उन्नत उत्पाद और तकनीक विकसित करके पंजाब को विश्व स्तर पर और मजबूत स्थान मिल सके।
प्रोफेसर अनूप वर्मा, मुखी, डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी एंड एनवायरनमेंट, थापर इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी ने पंजाब के मजबूत शैक्षणिक ढांचे और विशेष रसायन क्षेत्र में नवाचार को समर्थन देने की क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अनुसंधान संस्थाओं और उद्योग के बीच निकट सहयोग से तकनीकी विकास और व्यावसायिकीकरण की प्रक्रिया तेज हो सकती है, जिससे पंजाब उन्नत रसायन निर्माण और नवाचार का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
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