कहा, पंजाब में भारी मशीनरी और कृषि मशीनरी निर्माण की अपार क्षमता
कहा, पंजाब में भारी मशीनरी और कृषि मशीनरी निर्माण की अपार क्षमता
खबर खास, चंडीगढ़ /साहिबजादा अजित सिंह नगर :
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार प्रदेश में निवेश-हितैषी माहौल बनाने में सफल रही, यह उद्घोषणा प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने आज यहाँ प्लाक्षा विश्वविद्यालय में आयोजित भारी मशीनरी और कृषि मशीनरी संबंधी सत्र को संबोधित करते हुए की।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने औद्योगिक नीति बनाने के लिए 25 सेक्टोरल समितियों का गठन किया था, जिनकी सिफारिशों के आधार पर औद्योगिक नीति प्रदेश में लागू की गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा बेहतर रोड कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए 45,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण 16,209 करोड़ रुपए की लागत से कराया जा रहा है, जिसमें से 4,700 किलोमीटर ग्रीनफील्ड सड़कों का निर्माण भी कराया जा रहा है।
इस सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि जैसे पंजाब ने पहले होज़री और कृषि क्षेत्र में पूरी दुनिया में नाम बनाया है, उसी तरह अब भारी मशीनरी और कृषि मशीनरी के निर्माण क्षेत्र में भी नाम बना रहा है।
इस सत्र को संबोधित करते हुए पंजाब के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव गुरकिरत कृपाल सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने हर औद्योगिक क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार, औद्योगिक विशेषज्ञों की सलाह पर ही औद्योगिक नीति तैयार की है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा कंपनियों को बेहतर उद्योग-हितैषी माहौल देने के लिए कई लाभ प्रदान किए गए हैं।
सत्र को संबोधित करते हुए सी.आई.आई. के लुधियाना चैप्टर के अध्यक्ष उपकार सिंह आहूजा ने कहा कि जैसे 1960 में पंजाब राज्य और विशेष रूप से लुधियाना होज़री उद्योग का केंद्र था, जिसका सिक्का पूरी दुनिया में चलता था, उसी तरह अब पंजाब राज्य भारी मशीनरी और कृषि मशीनरी के निर्माण क्षेत्र में भी देश का अग्रणी राज्य है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने कृषि से संबंधित उद्योगों को विशेष सहयोग देने का निर्णय लिया है, जिससे प्रदेश के कृषि उद्योगों को बहुत बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमें टूल इंडस्ट्री को मजबूत करने की आवश्यकता है, जिससे हमारा औद्योगीकरण और अधिक सशक्त हो।
सोनालिका ट्रैक्टर से अक्षय सांगवान ने कहा कि ट्रैक्टर निर्माण के क्षेत्र में पंजाब पूरी दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी शक्ति है, लेकिन अब हमें दुनिया की मांग के अनुसार नई और अत्याधुनिक तकनीक आधारित कृषि मशीनरी बनानी होगी, जिससे लागत और श्रम पर निर्भरता कम हो।
इस अवसर पर एम.एस.एम.ई. के बारे में बोलते हुए अनिल चौधरी ने कहा कि हमें टाटा और रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियों को प्रदेश में लाने की आवश्यकता है, जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों को बहुत उत्साह मिलेगा।
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