प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन: पंजाब का साइकिल उद्योग पुर्जों से प्लेटफॉर्म तक विश्व स्तरीय छलांग के लिए पूरी तरह तैयार उद्योग प्रमुखों ने साइकिल और ई-बाइक सत्र में नीति समर्थन, नवीनता और निर्यात संभावनाओं को रेखांकित किया
प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन: पंजाब का साइकिल उद्योग पुर्जों से प्लेटफॉर्म तक विश्व स्तरीय छलांग के लिए पूरी तरह तैयार उद्योग प्रमुखों ने साइकिल और ई-बाइक सत्र में नीति समर्थन, नवीनता और निर्यात संभावनाओं को रेखांकित किया
खबर खास, चंडीगढ़ :
“पुर्जों से प्लेटफॉर्म तक – विश्व बाजारों के लिए पंजाब की अगली पीढ़ी की साइकिलें” विषय के अंतर्गत आयोजित “साइकिल और ई-बाइक्स” शीर्षक वाले सत्र ने राज्य के एक उभरते हुए विश्वस्तर्या निर्माण केंद्र के रूप में बढ़ते महत्व को उजागर किया। इस सत्र के दौरान उद्योग क्षेत्र के नेताओं ने बल देते हुए कहा कि नीति स्थिरता, तकनीकी रूप से समय के साथ चलने और इकोसिस्टम उद्योग के विस्तार के अगले चरण को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
इस अवसर पर बोलते हुए एवोन साइकल्सज के चेयरमैन और प्रबंधकीय निदेशक ओंकार सिंह पाहवा ने कहा कि पंजाब स्पष्ट समय-सीमाओं, डिजिटलाइज्ड स्वीकृति और आसन प्रक्रियाओं के माध्यम से लगातार एक व्यवसाय-अनुकूल वातावरण तैयार कर रहा है, जो उद्यमियों को अपने लक्ष्यों को साकार करने और नवीनता पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम बनाता है।
भविष्य की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कम प्रक्रियात्मक बोझ, एमएसई के लिए विस्तारित स्व-प्रमाणीकरण और सिंगल-पॉइंट रजिस्ट्रेशन जैसी क्रियाएं प्रोजेक्ट को लगाने में तेजी लाएगी और निवेश को रोजगार, निर्यात तथा औद्योगिक उत्पादन में बदल देंगी।
उन्होंने कहा कि पंजाब के पास साइकिल निर्माण की मजबूत विरासत है। राज्य में 4000 से अधिक एमएसएमई निर्माता और 100 से अधिक मध्यम और बड़े साइकिल निर्माता मिलकर प्रतिवर्ष लगभग 2.2 मिलियन साइकिलों का उत्पादन करते हैं, जिससे भारत दुनिया के सबसे बड़े साइकिल उत्पादक देशों में शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब के पास कंपोनेंट्स और कच्चे माल की बड़ी क्षमता है तथा विश्वस्तरीय टायर निर्माण क्षमता इस क्षेत्र को और मजबूती प्रदान करती है।
पुर्जों पर आधारित उत्पादन से प्लेटफॉर्म-आधारित निर्माण की ओर बदलाव पर बल देते हुए श्री पाहवा ने कहा कि आधुनिक उपभोक्ता सुरक्षा, टिकाऊपन, आराम, कारगुजारी और इलेक्ट्रिक सहायक गतिशीलता जैसे पहलुओं को अधिक महत्व देते हैं। उन्होंने बताया कि ई-बाइक, ई-स्कूटर, फिटनेस उपकरण और प्रीमियम निर्यात-उन्मुख साइकिलों का निर्माण उद्योग के निरंतर विकास का नया मार्ग बन रहा है।
उन्होंने कहा कि विश्व बाजार गुणवत्ता की एकरूपता, दस्तावेजी अनुशासन और मजबूत गुणवत्ता आश्वासन की मांग करते हैं, जिससे प्लेटफॉर्म-आधारित क्षमता निर्माण दीर्घकालिक निर्यात प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक हो जाता है।
रालसन इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजीव पाहवा ने साइकिल उद्योग के ऐतिहासिक विकास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद शुरुआती वर्षों में लुधियाना सस्ती और सुलभ परिवहन व्यवस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा। उन्होंने कहा कि उस समय नियामक चुनौतियों के बावजूद उद्यमशीलता की भावना और नवीनता ने इस उद्योग को आगे बढ़ाया।
उन्होंने बताया कि 1970 और 1980 के दशक में स्वदेशी तकनीक और सहायक इकोसिस्टम ने टायर और ट्यूब निर्माण उद्योग के विकास को संभव बनाया, जो आज घरेलू और विश्व बाजारों में अपनी पहचान बनाए हुए हैं।
उन्होंने कहा कि बदलते परिवहन पैटर्न, आर्थिक समृद्धि और मोटरसाइकिलों की बढ़ती प्राथमिकता के कारण साइकिलों का मुख्य परिवहन साधन के रूप में महत्व कम हुआ है और उद्योग अब एक नए मोड़ पर खड़ा है। उन्होंने सुझाव दिया कि साइकिलों को खेल, मनोरंजन, स्वास्थ्य और टिकाऊ शहरी परिवहन के साधन के रूप में पुनः स्थापित करके इस उद्योग को नया जीवन दिया जा सकता है।
उन्होंने उच्च गुणवत्ता, अनुसंधान एवं विकास में निवेश, उन्नत सामग्री के उपयोग और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला की आवश्यकता पर भी बल दिया और राज्य की प्रगतिशील औद्योगिक नीति का स्वागत किया।
हार्टेक्स रबर के निदेशक श्री वरुण सुरेका ने कहा कि पंजाब एक सहायक औद्योगिक वातावरण, मजबूत निर्माण पर्यावरण प्रणाली और सहयोगी व्यावसायिक संस्कृति प्रदान करता है, जो इसे नए निवेश के लिए एक आकर्षक स्थान बनाता है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल सप्लाई चैन पुनर्गठन से भारत के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं, खासकर तब जब यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बाजार पारंपरिक आपूर्ति स्रोतों के भरोसेमंद विकल्प तलाश रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एकीकृत गतिशीलता प्रणालियां, उच्च सटीक इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक एकीकरण और अनुपालन-आधारित निर्माण प्रणालियां साइकिल उद्योग के भविष्य को परिभाषित करेंगी। उन्होंने मशीन क्षमता, प्रक्रिया अनुशासन और कुशल मानव संसाधन के महत्व पर बल देते हुए कहा कि लंबे समय की साझेदारी, नवीनता और
उत्पाद गुणवत्ता में निरंतरता वैश्विक विश्वास हासिल करने और निर्यात को मजबूत करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
सत्र के अंत में प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए फूड प्रोसेसिंग विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती राखी गुप्ता भंडारी ने उद्योग क्षेत्र के नेताओं द्वारा दिए गए सुझावों की सराहना की। उन्होंने क्षेत्रीय विकास के लिए नीति समर्थन, कौशल विकास, सुरक्षा मानकों और उच्च मूल्य वाले उत्पादों के महत्व को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से युवाओं की आकांक्षाएं डिजाइन नवीनता, तकनीक को अपनाने और विभिन्न उपयोगों की मांग करती हैं, जिनमें पर्यटन गतिशीलता और रीक्रिएशनल साइक्लिंग भी शामिल हैं।
उन्होंने उद्योग जगत से मजबूत प्लेटफॉर्म इकोसिस्टम विकसित करने की अपील की, जो लोगों, उत्पाद क्षमताओं और प्रक्रियाओं को आपस में जोड़कर पंजाब को अगली पीढ़ी के साइकिल निर्माण क्षेत्र में एक वैश्विक नेता के रूप में स्थापित कर सके।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
Comments 0