सुरक्षा और जर्जर बुनियादी ढांचे को देखते हुए बड़ा फैसला, 18 महीने में नए भवन तैयार करने का लक्ष्य; सभी 1,090 स्कूलों की डिजिटल प्रोफाइलिंग पूरी
सुरक्षा और जर्जर बुनियादी ढांचे को देखते हुए बड़ा फैसला, 18 महीने में नए भवन तैयार करने का लक्ष्य; सभी 1,090 स्कूलों की डिजिटल प्रोफाइलिंग पूरी
दिल्ली में सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शहर के 34 सरकारी स्कूलों को ध्वस्त कर उनकी जगह नए सिरे से स्कूल भवन तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही करीब 900 करोड़ रुपये की लागत से 27 नए सरकारी स्कूल भवनों का निर्माण किया जाएगा।
एक अधिकारी के मुताबिक, नए स्कूल भवनों का निर्माण खाली भूखंडों पर किया जाएगा और इन्हें करीब 18 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने और प्रभावी निगरानी के लिए 27 स्कूलों के निर्माण स्थलों को पांच भौगोलिक क्लस्टर में बांटा गया है।
ध्वस्त किए जाने वाले 34 स्कूलों में से 16 में निर्माण संबंधी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जबकि नौ स्कूलों के मामलों को मंजूरी मिल गई है। अधिकारियों के अनुसार, कुछ स्कूलों में जलभराव की गंभीर समस्या है, जबकि कई जगह भवन की सुरक्षा को लेकर चिंताएं सामने आई हैं। कुछ स्कूल ऐसे स्थानों पर भी बने हैं, जिन्हें छात्रों के लिए उपयुक्त नहीं माना गया है।
सरकार का यह फैसला दिल्ली के सभी 1,090 सरकारी स्कूलों की डिजिटल प्रोफाइलिंग पूरी होने के बाद लिया गया है। इस प्रोफाइलिंग के जरिए स्कूलों में मौजूद बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़ी कमियों की विस्तृत जानकारी जुटाई गई है। अब शिक्षा विभाग इस डेटा का विश्लेषण कर प्रत्येक स्कूल में आवश्यक सुधारों की पहचान कर रहा है।
स्कूलों की डिजिटल प्रोफाइलिंग के दौरान कक्षाओं और भवनों से लेकर साफ-सफाई, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था, फर्नीचर, बिजली आपूर्ति, डिजिटल सुविधाओं, रसोई और प्रयोगशालाओं तक की स्थिति का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, कई सरकारी स्कूलों में बिजली, पानी और जर्जर बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याएं भी सामने आई हैं।
नए स्कूलों के निर्माण के लिए शिक्षा निदेशालय (DoE) ने केंद्र सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) से टर्नकी प्रोजेक्ट के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं। परियोजनाओं के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट-कम-EPC एजेंसी नियुक्त की जाएगी, जो स्कूल भवनों की योजना, निर्माण, क्रियान्वयन और निगरानी की जिम्मेदारी संभालेगी।
सरकार का लक्ष्य है कि नए स्कूल भवनों के जरिए छात्रों को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और बेहतर बुनियादी सुविधाओं वाला शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया जाए। पांच क्लस्टर में बांटकर परियोजनाओं की निगरानी से निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की कोशिश की जाएगी।
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