7 सितंबर तक पक्का मोर्चा, लंगर से लेकर रात गुजारने तक की पूरी तैयारी; बढ़ती भीड़ से बाजारों में दूध-सब्जियों की मांग बढ़ी, धरनास्थल पर सफाई और शौचालय की व्यवस्था बनी चुनौती