शाहाबाद संस्थान में दोनों पक्षों की अहम बैठकें आज; प्रबंधन को लेकर बढ़ा विवाद, हाईकोर्ट में भी जारी है कानूनी लड़ाई
शाहाबाद संस्थान में दोनों पक्षों की अहम बैठकें आज; प्रबंधन को लेकर बढ़ा विवाद, हाईकोर्ट में भी जारी है कानूनी लड़ाई
कुरुक्षेत्र। शाहाबाद स्थित मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान के प्रबंधन को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर तूल पकड़ता नजर आ रहा है। शनिवार को संस्थान में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (HSGPC) के आमने-सामने आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए संस्थान परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
SGPC के अध्यक्ष एवं संस्थान ट्रस्ट के चेयरमैन एडवोकेट हरजिंद्र सिंह धामी संस्थान पहुंच चुके हैं। उन्होंने सबसे पहले परिसर का जायजा लिया और मौजूदा हालात की जानकारी ली। इसके बाद वह संस्थान के बोर्ड के साथ प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। माना जा रहा है कि बैठक के बाद SGPC की ओर से कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
दूसरी ओर, हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने भी संस्थान परिसर में अपनी कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। बैठक में कमेटी के सदस्यों के अलावा अध्यक्ष जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा के भी पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में दोनों पक्षों के एक ही परिसर में मौजूद रहने को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
प्रबंधन को लेकर हाईकोर्ट तक पहुंचा विवाद
मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान के प्रबंधन को लेकर SGPC और HSGPC के बीच विवाद लंबे समय से जारी है। इस मामले में कानूनी लड़ाई भी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंच चुकी है। हाईकोर्ट की ओर से संस्थान के प्रबंधन को लेकर हरियाणा कमेटी के पक्ष में फैसला सुनाया जा चुका है।
इसके बाद 27 जुलाई को हरियाणा कमेटी ने संस्थान का प्रबंधन अपने अधीन होने का दावा किया था। वहीं, SGPC ने हाईकोर्ट में दोबारा याचिका दायर की है, जिस पर पहली सुनवाई भी हो चुकी है। इसी बीच हाईकोर्ट ने हरियाणा कमेटी की ओर से संस्थान के चिकित्सकों के बनाए गए बोर्ड पर भी रोक लगा दी है।
चार माह के वेतन का मुद्दा भी गरमाया
प्रबंधन को लेकर जारी विवाद का असर संस्थान के चिकित्सकों और कर्मचारियों पर भी पड़ा है। विवाद के चलते कर्मचारियों का करीब चार माह का वेतन अटक गया था। हालांकि, SGPC की ओर से शुक्रवार को एक माह का वेतन जारी कर दिया गया है।
अब शनिवार को संस्थान में होने वाली दोनों पक्षों की बैठकों और उनके संभावित फैसलों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है, ताकि किसी भी तरह के टकराव या अप्रिय स्थिति को टाला जा सके।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0