शुक्रवार को होने वाली उच्चस्तरीय बैठक में पंजाब के सभी वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी होंगे शामिल, अभियान की समीक्षा के साथ तैयार होगी आगे की कार्ययोजना
शुक्रवार को होने वाली उच्चस्तरीय बैठक में पंजाब के सभी वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी होंगे शामिल, अभियान की समीक्षा के साथ तैयार होगी आगे की कार्ययोजना
खबर खास | चंडीगढ़
आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने घोषणा की है कि राज्य में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ को और तेज करने के लिए शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी।
पन्नू ने बताया कि यह बैठक मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की हाल ही में फिल्लौर में सभी थाना प्रभारियों के साथ हुई बातचीत के बाद बुलाई गई है। अभियान के अगले चरण के तहत राज्यभर के वरिष्ठ अधिकारी अब तक हुई कार्रवाई की समीक्षा करेंगे और नशे के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
इस बैठक में पंजाब के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, उपायुक्त, पुलिस उपाधीक्षक और उपमंडल मजिस्ट्रेट शामिल होंगे।
पन्नू ने इस बैठक को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे पहले जिलास्तर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठकें होती रही हैं, लेकिन पहली बार सभी जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को एक साथ बैठक में शामिल किया जाएगा।
बैठक में अभियान के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही कमियों की पहचान कर नशे के खिलाफ लड़ाई को मजबूत बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए पन्नू ने कहा कि पिछले डेढ़ साल से सरकार नशे की समस्या के खिलाफ युद्ध की तरह लड़ाई लड़ रही है। अब इस अभियान को और तेज किया जाएगा, ताकि अधिक प्रभावी परिणाम हासिल किए जा सकें।
एक दुखद घटना का जिक्र करते हुए पन्नू ने कहा कि ऐसी घटनाएं पूरे समाज के लिए बेहद पीड़ादायक होती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब भी किसी तरह की समस्या या कमी सामने आएगी, तो उसे दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागों से नशे की समस्या से निपटने के लिए पूरी गंभीरता के साथ काम करने की अपील भी की।
दवाओं के दुरुपयोग पर भी सरकार की नजर
दवाओं के नशे के रूप में दुरुपयोग को लेकर उठ रहे सवालों पर पन्नू ने कहा कि किसी भी प्रकार का नशा नुकसानदायक है। दवाओं का अवैध इस्तेमाल गंभीर विषय है और इस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि कुछ पदार्थ स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम के दायरे में आते हैं, जबकि कुछ अन्य पदार्थ इस कानून के अंतर्गत नहीं आते। ऐसे पदार्थों को उचित कानूनी ढांचे के दायरे में लाने के लिए केंद्र सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
हालांकि, पन्नू ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट रही है और दवाओं के दुरुपयोग के मामले को गंभीरता से ले रही है।
उन्होंने कहा कि दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त निगरानी जरूरी है। सरकार किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। नशे के खिलाफ कार्रवाई में संबंधित व्यक्ति की पहचान या पद देखकर कोई ढील नहीं दी जाएगी।
पन्नू ने बताया कि इस विषय पर गुरुवार सुबह भी चर्चा हुई थी। अब प्रस्तावित उच्चस्तरीय बैठक के बाद आवश्यक कदम उठाने पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में नशे की रोकथाम या आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में कोई कमी पाई जाती है, तो प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था को मजबूत करके उसे दूर किया जाएगा।
पन्नू के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य नशे के नेटवर्क पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाना और ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान को अधिक परिणामोन्मुख बनाना है।
विशेष जांच दल से जुड़े सवाल पर पन्नू ने कहा कि फिलहाल वह इस संबंध में कोई अतिरिक्त जानकारी साझा नहीं कर सकते।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में कार्रवाई पुलिस और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार की जा रही है। संबंधित अधिकारी पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0