सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने चंडीगढ़ को बताया अपनी ‘कर्मभूमि’, शहर में संघर्ष के वर्षों को किया याद
सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने चंडीगढ़ को बताया अपनी ‘कर्मभूमि’, शहर में संघर्ष के वर्षों को किया याद
खबर खास | चंडीगढ़
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत ने शनिवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत परिसर में नवनिर्मित मल्टी-लेवल पार्किंग सुविधा का उद्घाटन किया। करीब ₹40 करोड़ की लागत से तैयार इस परियोजना से वकीलों, वादकारियों और अदालत आने वाले लोगों को पार्किंग की समस्या से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि उन्होंने पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से उन्हें सरल भाषा में बोलने की अनुमति देने का अनुरोध किया था। कटारिया की टिप्पणियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भले ही उनका जन्म हिसार में हुआ हो, लेकिन चंडीगढ़ ने उनके पेशेवर जीवन को आकार दिया है।
सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “हिसार मेरी जन्मभूमि हो सकती है, लेकिन चंडीगढ़ मेरी कर्मभूमि है। मेरे संघर्ष के वर्ष इसी शहर, इसकी गलियों और इसी माहौल में बीते हैं। आज यहां होना मेरे लिए केवल एक आधिकारिक दायित्व नहीं, बल्कि बेहद व्यक्तिगत और भावनात्मक क्षण है।”
इस अवसर पर चंडीगढ़ के प्रशासक और पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने जस्टिस सूर्यकांत की उल्लेखनीय यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि हरियाणा के हिसार जिले के एक छोटे से गांव से आने वाले जस्टिस सूर्यकांत ने एलएलबी की पढ़ाई स्वर्ण पदक के साथ पूरी की और इसके बाद एक शानदार कानूनी एवं न्यायिक करियर बनाया।
कटारिया ने कहा कि जस्टिस सूर्यकांत को वर्ष 2004 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी सेवाएं दीं। वर्ष 2019 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया और बाद में उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश का पद संभाला।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लिए यह गर्व की बात है कि यहां से जुड़ा एक व्यक्ति आज देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर आसीन है।
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