वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया; आरोप लगाया- ताले तोड़कर परिसरों में दाखिल हुई टीम, छापों में कोई बड़ी बरामदगी नहीं हुई
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया; आरोप लगाया- ताले तोड़कर परिसरों में दाखिल हुई टीम, छापों में कोई बड़ी बरामदगी नहीं हुई
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हालिया छापेमारी को लेकर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। चीमा ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस कार्रवाई के खिलाफ सड़क से लेकर संसद और अदालत तक हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी और पंजाब सरकार भी सभी उपलब्ध कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चीमा ने आरोप लगाया कि ईडी की कई जगहों पर छापेमारी के बावजूद अब तक कोई बड़ी या महत्वपूर्ण बरामदगी सामने नहीं आई है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के एक मंत्री के रिश्तेदार के घर पर हुई तलाशी में भी कोई आपत्तिजनक सामग्री मिलने की जानकारी सामने नहीं आई। हालांकि, ये दावे ईडी की ओर से आधिकारिक रूप से पुष्टि किए जाने बाकी हैं।
वित्त मंत्री ने छापेमारी के तरीके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी अधिकारियों ने एक परिसर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। चीमा ने इसे गैरकानूनी बताते हुए कहा कि किसी भी जांच एजेंसी को तलाशी की कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर करनी चाहिए। उनका कहना था कि अगर किसी एजेंसी को तलाशी लेने का अधिकार है तो उसे निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए, लेकिन ताले तोड़कर किसी आवास या परिसर में दाखिल होने की कार्रवाई गंभीर सवाल खड़े करती है।
चीमा ने भारतीय जनता पार्टी पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक रूप से संवेदनशील समय और चुनावों के आसपास ऐसी कार्रवाइयां अक्सर देखने को मिलती हैं। उन्होंने दावा किया कि छापेमारी के बाद बड़े-बड़े आरोप लगाए जाते हैं, लेकिन बाद में उनके समर्थन में अपेक्षित सबूत सामने नहीं आते।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईडी की कार्रवाई के दौरान कुछ ऐसे परिसरों में भी तलाशी ली गई, जहां बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। चीमा के मुताबिक, ऐसी कार्रवाई से लोगों पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग इस तरह की कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देंगे।
वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग एकजुट हैं और किसी भी दबाव के सामने अपनी आवाज नहीं दबने देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में भारतीय जनता पार्टी राजनीतिक रूप से कमजोर है और इसी वजह से केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल उसके राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ किया जा रहा है।
सरकारी संपत्तियों से जुड़े सवाल पर चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार ने लंबे समय से लंबित संपत्तियों का आवंटन पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के जरिए किया है। उनके मुताबिक, संबंधित कंपनियों ने निर्धारित राशि जमा की है और इन संपत्तियों से जुड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी एजेंसी को प्रक्रिया को लेकर कोई आपत्ति है तो वह कानून के दायरे में जांच कर सकती है, लेकिन जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए नहीं होना चाहिए।
चीमा ने दोहराया कि आम आदमी पार्टी ईडी की कार्रवाई के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर अपना विरोध जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी सड़क से लेकर अदालत तक और जरूरत पड़ने पर संसद में भी इस मुद्दे को उठाएगी। उनके मुताबिक, पंजाब सरकार लोगों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए हर उपलब्ध कानूनी विकल्प का इस्तेमाल करेगी।
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