पुलिस ने आरोपियों से हैंड ग्रेनेड, ग्लॉक पिस्तौल और 5 कारतूस बरामद किए; मोबाइल फोन से बड़ी मात्रा में हटाया गया डेटा मिला, चौथे संदिग्ध की तलाश जारी
पुलिस ने आरोपियों से हैंड ग्रेनेड, ग्लॉक पिस्तौल और 5 कारतूस बरामद किए; मोबाइल फोन से बड़ी मात्रा में हटाया गया डेटा मिला, चौथे संदिग्ध की तलाश जारी
खबर खास | अमृतसर
दशहरे से पहले अमृतसर पुलिस ने पुलिस प्रतिष्ठानों और कर्मियों पर हमले की कथित साजिश के मामले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को संदेह है कि आरोपी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) से जुड़े संचालकों के निर्देश पर हमले की योजना बना रहे थे। आरोपियों के कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड, एक ग्लॉक पिस्तौल और पांच कारतूस बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोगा जिले के धर्मकोट स्थित फतेहगढ़ कोरोटाना निवासी नवदीप सिंह, मोगा के खनकोट ईस्ट स्थित मोहल्ला मेहने वाला निवासी सैमुअल मसीह उर्फ सामू और संदीप सिंह उर्फ टिड्डी के रूप में हुई है। इस मामले में दौलतपुर निवासी हरमन नामक चौथे संदिग्ध को अभी गिरफ्तार किया जाना बाकी है।
पुलिस के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि आरोपी अटारी सेक्टर से हथियारों की खेप लेने के बाद बिना पंजीकरण वाली मोटरसाइकिल पर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर सब-इंस्पेक्टर राजबीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को रोककर गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान पुलिस को एक बैग मिला, जिसमें हैंड ग्रेनेड, ग्लॉक पिस्तौल और पांच कारतूस रखे हुए थे। इस संबंध में घरिंडा थाने में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उनकी योजना पुलिस की एक इमारत पर हैंड ग्रेनेड फेंकने और एक पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या करने की थी। हालांकि, शुरुआती जांच में सामने आया है कि उन्होंने हमले के लिए किसी विशिष्ट ठिकाने की पहचान नहीं की थी।
मोबाइल फोन से हटाया गया डेटा मिला
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। जांचकर्ताओं के अनुसार, इन उपकरणों से बड़ी मात्रा में डेटा हटाया गया था। इससे आरोपियों के बीच हुई बातचीत और कथित साजिश में अन्य लोगों की संभावित भूमिका को लेकर संदेह बढ़ा है।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि बरामद हथियारों को पाकिस्तानी ड्रोन के जरिए भारतीय क्षेत्र में गिराया गया हो सकता है। पुलिस को यह भी संदेह है कि आरोपी पाकिस्तान की आईएसआई से जुड़े संचालकों के सीधे संपर्क में थे।
पुलिस बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि कथित साजिश के पूरे दायरे का पता लगाया जा सके और इसमें शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान की जा सके।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीर बताते हुए फिलहाल अधिक जानकारी साझा करने से परहेज किया है। उन्होंने कहा कि जांच जारी है।
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January 18, 2026
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