आप के मीडिया प्रभारी ने कहा—पंजाब जमीनी स्तर पर नशा तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है; केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत
आप के मीडिया प्रभारी ने कहा—पंजाब जमीनी स्तर पर नशा तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है; केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत
खबर खास | चंडीगढ़
आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को नशे के मुद्दे पर घेरने से पहले भाजपा को अपने कार्यकाल के दौरान नशे के खिलाफ उठाए गए कदमों का जवाब देना चाहिए। पन्नू ने नशे के खिलाफ लड़ाई को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखने की अपील की।
मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान शुरू किया है। इस अभियान में पुलिस, नागरिक प्रशासन और गांवों तथा वार्डों में गठित रक्षा समितियों के करीब एक लाख सदस्य शामिल हैं। उनके अनुसार, अभियान का उद्देश्य नशे की तस्करी रोकना और युवाओं को इस बुराई से बचाना है।
पन्नू ने कहा कि पंजाब सरकार नशा तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने सीमा पार से होने वाली तस्करी रोकने के लिए एंटी-ड्रोन प्रणालियां लगाने का भी उल्लेख किया। साथ ही, उन्होंने कुछ औषधीय नशीले पदार्थों को स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) के दायरे में लाने की मांग पर केंद्र की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए।
अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल पर भी उठाए सवाल
पन्नू ने वर्ष 2007 से 2017 तक पंजाब में रही अकाली दल-भाजपा गठबंधन सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कथित 6,000 करोड़ रुपये के नशा रैकेट पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय की जांच की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने वर्ष 2017 से 2022 तक सत्ता में रही कांग्रेस सरकार के दौरान नशे की समस्या से निपटने के प्रयासों पर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस नेता राजा वड़िंग की अफीम की दुकानें खोलने संबंधी टिप्पणी की आलोचना करते हुए पन्नू ने कहा कि पंजाब को नशामुक्त बनाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए, न कि नशीले पदार्थों के इस्तेमाल को सामान्य बनाने पर।
अमित शाह के दौरे का स्वागत करते हुए पन्नू ने केंद्र से सीमा पार नशा तस्करी और औषधीय नशीले पदार्थों की आपूर्ति रोकने के लिए पंजाब को अधिक सहयोग देने की मांग की। उन्होंने नशा विरोधी मार्च के दौरान हुई एक घटना में कथित तौर पर जान गंवाने वाले भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारियों अर्शदीप सिंह और विनोद काली के परिवारों को मिली सहायता के बारे में भी सवाल किया।
झोटा मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला
नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की मौत का जिक्र करते हुए पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने परिवार की मांग पर मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का फैसला किया है।
पन्नू ने कहा कि इस दुखद घटना का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से नशे के खिलाफ मिलकर काम करने और पंजाब के युवाओं के भविष्य की रक्षा करने की अपील की।
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