गुलवीर सिंह कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुष 10,000 मीटर में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने, जबकि हरजिंदर कौर ने 227 किलोग्राम के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ वेटलिफ्टिंग में रजत पदक जीता; मुक्केबाजी में भी भारत के तीन पदक पक्के।
गुलवीर सिंह कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुष 10,000 मीटर में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने, जबकि हरजिंदर कौर ने 227 किलोग्राम के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ वेटलिफ्टिंग में रजत पदक जीता; मुक्केबाजी में भी भारत के तीन पदक पक्के।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पांचवें दिन भारत का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। मंगलवार देर रात भारतीय खिलाड़ियों ने दो और रजत पदक अपने नाम किए। एथलीट गुलवीर सिंह और वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में दो सिल्वर मेडल डाले। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है, जिसमें दो स्वर्ण पदक भी शामिल हैं।
दिन की सबसे बड़ी उपलब्धि गुलवीर सिंह के नाम रही। उन्होंने इतिहास रचते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स के पुरुष 10,000 मीटर स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बनने का गौरव हासिल किया। 27 वर्षीय गुलवीर अंतिम लैप की शुरुआत में चौथे स्थान पर थे, लेकिन शानदार गति और दमदार फिनिश के दम पर उन्होंने रजत पदक अपने नाम कर लिया।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिरसा गांव के रहने वाले गुलवीर सिंह भारतीय सेना में नायब सूबेदार हैं। सेना में भर्ती की तैयारी के दौरान उन्होंने दौड़ना शुरू किया था और वर्ष 2018 में ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में शामिल होने के बाद एथलेटिक्स को गंभीरता से अपनाया। उनका यह ऐतिहासिक प्रदर्शन भारतीय लंबी दूरी की दौड़ के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
इससे पहले दिन में हरजिंदर कौर ने महिलाओं की 69 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में कुल 227 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता। उन्होंने स्नैच में 101 किलोग्राम का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और क्लीन एंड जर्क में 126 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 227 किलोग्राम के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।
इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक कनाडा की शार्लोट सिमोनो ने कुल 240 किलोग्राम वजन उठाकर जीता। वहीं ऑस्ट्रेलिया की न्या फोएबे हेयमैन ने भी कुल 227 किलोग्राम वजन उठाया, लेकिन काउंटबैक नियम के आधार पर उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
मुक्केबाजी में भी भारत के लिए अच्छी खबर आई। भारतीय टीम के तीन मुक्केबाजों ने अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। इसके साथ ही भारत के लिए कम से कम तीन और पदक पक्के हो गए हैं, क्योंकि कॉमनवेल्थ गेम्स में सेमीफाइनल में पहुंचने वाले सभी मुक्केबाजों को पदक सुनिश्चित होता है।
हालांकि दो रजत पदक जीतने के बावजूद भारत पदक तालिका में आठवें से नौवें स्थान पर खिसक गया। ऑस्ट्रेलिया 35 स्वर्ण और कुल 80 पदकों के साथ तालिका में शीर्ष पर बना हुआ है।
एथलेटिक्स, भारोत्तोलन और मुक्केबाजी में लगातार मिल रही सफलता से ग्लासगो में भारत का अभियान मजबूती से आगे बढ़ रहा है। अब भारतीय खिलाड़ी आने वाले मुकाबलों में अधिक से अधिक स्वर्ण पदक जीतकर देश की पदक संख्या बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0