तीन दिन की हड़ताल से उद्योगों, अस्पतालों, स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और घरों पर असर; सरकार और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच पंचकूला में बातचीत की तैयारी
तीन दिन की हड़ताल से उद्योगों, अस्पतालों, स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और घरों पर असर; सरकार और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच पंचकूला में बातचीत की तैयारी
खबर खास | चंडीगढ़
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। उद्योगों, अस्पतालों, स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ रहा है। यह हड़ताल बुधवार रात 10 बजे राज्य सरकार की ओर से गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी इलेवन पावर को बिजली आपूर्ति का लाइसेंस देने के फैसले के विरोध में शुरू हुई।
इस बीच, हरियाणा के बिजली मंत्री अनिल विज ने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से आंदोलन समाप्त कर काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विवाद सुलझाने के लिए सरकार सभी संभावित विकल्पों पर चर्चा करने को तैयार है। इनमें बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 108 के तहत कार्रवाई का विकल्प भी शामिल है।
विज के बयान से संकेत मिलता है कि सरकार हड़ताल खत्म कराने के लिए बातचीत के साथ-साथ कानूनी और प्रशासनिक उपायों पर भी विचार कर रही है। हालांकि, उन्होंने इस प्रावधान के तहत की जा सकने वाली संभावित कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी।
पंचकूला में सरकार और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच बातचीत की तैयारी
इस बीच, हड़ताल कर रहे बिजली कर्मचारियों के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच पंचकूला में बातचीत शुरू होने की तैयारी है। कर्मचारी नेताओं की मांग है कि कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई जाए। वे निजी कंपनी को दिए गए लाइसेंस को रद्द करने का प्रस्ताव भी रख सकते हैं।
बिजली कर्मचारी एवं अभियंता संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रवक्ता रविंदर घनघस के अनुसार, सरकार ने मोर्चे के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए चंडीगढ़ बुलाया है।
अब बातचीत के नतीजे पर नजर रहेगी। इससे तय हो सकता है कि कर्मचारी हड़ताल वापस लेने पर सहमत होते हैं या नहीं और प्रभावित क्षेत्रों में बिजली सेवाएं सामान्य हो पाती हैं या नहीं।
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