लॉटरी संचालन, ड्रा समय, टिकट सुरक्षा फीचर्स और वितरकों की जवाबदेही को लेकर सरकार ने सख्त नियम लागू किए; पूरी व्यवस्था राज्य सरकार की प्रत्यक्ष निगरानी में रहेगी।
लॉटरी संचालन, ड्रा समय, टिकट सुरक्षा फीचर्स और वितरकों की जवाबदेही को लेकर सरकार ने सख्त नियम लागू किए; पूरी व्यवस्था राज्य सरकार की प्रत्यक्ष निगरानी में रहेगी।
खबर खास | शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने आधिकारिक रूप से हिमाचल प्रदेश राज्य लॉटरी विनियमन नियम, 2026 अधिसूचित कर दिए हैं, जिससे राज्य में लॉटरी संचालन एक व्यापक नियामक ढांचे और सरकार की प्रत्यक्ष निगरानी के तहत संचालित होगा।
नए नियमों के अनुसार, लॉटरी टिकट की न्यूनतम कीमत ₹2 निर्धारित की गई है, जबकि किसी भी लॉटरी योजना में प्रथम पुरस्कार ₹10,000 से कम नहीं होगा। कोषागार, लेखा एवं लॉटरी निदेशालय द्वारा तैयार किए गए इन नियमों का उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और लॉटरी गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण स्थापित करना है।
वित्त विभाग के कोषागार, लेखा एवं लॉटरी निदेशालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, लॉटरी संचालन का प्रशासनिक मुख्यालय शिमला में स्थापित किया जाएगा। सरकार ने ड्रा के समय को लेकर भी कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। किसी भी लॉटरी का ड्रा रात 9 बजे के बाद आयोजित नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा, सभी योजनाओं को मिलाकर एक दिन में अधिकतम 24 ड्रा ही आयोजित किए जा सकेंगे।
नियमों के तहत वर्ष में केवल छह विशेष बंपर ड्रा आयोजित करने की अनुमति होगी। राष्ट्रीय पर्वों और सार्वजनिक अवकाशों के दौरान लॉटरी ड्रा पूरी तरह से स्थगित रहेंगे। धोखाधड़ी रोकने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रत्येक टिकट पर राज्य सरकार का लोगो, निदेशक के डिजिटल हस्ताक्षर, बारकोड, क्यूआर कोड तथा टिकट की प्रिंटिंग का सटीक समय अंकित करना अनिवार्य होगा। भौतिक टिकटों पर स्पष्ट रूप से “केवल हिमाचल प्रदेश में बिक्री हेतु” संदेश भी छपा होगा।
प्रारूप नियमों में साप्ताहिक, मासिक और बंपर ड्रा की व्यवस्था शामिल की गई है। टिकटों की कीमत ₹10 से ₹500 तक हो सकती है, जबकि पुरस्कार राशि ₹1 लाख से ₹5 करोड़ तक निर्धारित की जा सकती है। हालांकि, लॉटरी के आकार, ड्रा की आवृत्ति और टिकट मूल्य निर्धारण संबंधी अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री द्वारा लिया जाएगा।
नियमों में लॉटरी संचालकों और वितरकों के लिए भी कड़े प्रावधान किए गए हैं। जिस कंपनी को लॉटरी संचालन का ठेका मिलेगा, उसे निविदा प्राप्त करने और अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के 60 दिनों के भीतर पहला ड्रा आयोजित करना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर उसकी पूरी सुरक्षा राशि (सिक्योरिटी डिपॉजिट) जब्त कर ली जाएगी।
इसके अतिरिक्त, यदि कोई वितरक बिना किसी वैध कारण के मुद्रित टिकट उठाने में विफल रहता है, तो उससे सरकार को हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई जुर्माने के रूप में वसूली जा सकती है। इस प्रावधान का उद्देश्य लॉटरी प्रणाली में अधिक जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करना है।
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